कभी जूते खरीदने तक के नहीं थे पैसे, गौतम गंभीर की वजह से बदल गई किस्मत, प्रेरणादायक है सैनी का संघर्ष

नवदीप साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जब वो क्रिकेट खेलने दिल्ली आये थे, तो उनके पास गेंदबाजी करने के लिये जूते तक नहीं थे।

नवदीप साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जब वो क्रिकेट खेलने दिल्ली आये थे, तो उनके पास गेंदबाजी करने के लिये जूते तक नहीं थे।

युवा तेज गेंदबाज नवदीप सैनी ने आईपीएल 2019 के अपने डेब्यू मैच में ही रफ्तार से सनसनी मचा दी थी, उनकी एक गेंद चेन्नई सुपरकिंग्स के शेन वॉटसन के हेलमेट में जाकर लगी थी, नवदीप सैनी को गौतम गंभीर की खोज कहा जाता है। वो लगातार 140 किमी की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं। सैनी वैसे तो मूल रुप से हरियाणा के करनाल के रहने वाले हैं, 2012 में वो दिल्ली रहने आये, एक दिन अखबार में उन्होने सहवाग, गंभीर, विराट कोहली और ईशांत शर्मा की तस्वीर  देखी, तो उनसे मिलने स्टेडियम पहुंच गये, हालांकि गार्ड ने उन्हें स्टेडियम में घुसने नहीं दिया, लेकिन एक साल के भीतर ही उन्हें नेट गेंदबाज के तौर पर इन दिग्गजों से मिलने का मौका मिला।

गंभीर ने की मदद 
नवदीप साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जब वो क्रिकेट खेलने दिल्ली आये थे, तो उनके पास गेंदबाजी करने के लिये जूते तक नहीं थे, तब गौतम गंभीर ने उनकी मदद की और जूते दिलवाये थे।
बताया जाता है, कि नेट पर करीब 15 मिनट सैनी को गेंदबाजी करते देख गंभीर इम्प्रेस हो गये थे, उन्होने ही दिल्ली टीम में उन्हें एंट्री दिलाई।

नेट पर गंभीर को कर दिया परेशान
नेट बॉलर बनने से पहले नवदीप सैनी टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला करते थे, हालांकि इसके बावजूद पहली ही बार में उन्होने नेट पर गंभीर को परेशान कर दिया था,
जब भी गौती उनकी गेंद पर बीट होते, तो नवदीप उन्हें जाकर सॉरी बोलते, गंभीर ने दिल्ली रणजी टीम में उनकी पैरवी की थी, इसके लिये उन्हें दिल्ली क्रिकेट बोर्ड से लड़ना भी पड़ा।

टीम इंडिया में चयन
नवदीप सैनी दिल्ली के साथ इंडिया ए के भी सदस्य रहे हैं, पिछले साल अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच के सीरीज के लिये उन्हें चुना गया था,
हालांकि वो भारतीय टीम से डेब्यू नहीं कर पाये, वो दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका भी टीम इंडिया के साथ गये थे, उन्हें बतौर नेट गेंदबाज शामिल किया गया था, अब एक बार फिर से बतौर नेट गेंदबाज उन्हें इंग्लैंड बुलाया गया है।