संन्यास की घोषणा करते हुए युवराज ने गांगुली और तेंदुलकर का जिक्र किया, कही बड़ी बात
युवराज सिंह ने कहा कि क्रिकेट ने मुझे नये दोस्त दिये, क्रिकेट ने मुझे सिखाया कि आखिरी सांस तक डटना ही जीवन है।
युवराज सिंह ने कहा कि क्रिकेट ने मुझे नये दोस्त दिये, क्रिकेट ने मुझे सिखाया कि आखिरी सांस तक डटना ही जीवन है।
टीम इंडिया को दो विश्वकप दिलाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले स्टार बल्लेबाज युवराज सिंह ने इंटरनेशनल क्रिकेट से सन्यास का ऐलान कर दिया है, संन्यास की घोषणा करते हुए युवी काफी भावुक हो गये, उन्होने कहा कि मेरे जीवन में काफी उतार-चढाव रहे, 2011 विश्वकप जीतना सबसे यादगार पल था, और अपने पिता का सपना पूरा किया, कैंसर के दौरान सभी ने मेरा साथ दिया।आखिरी समय तक डटना ही जीवन है
युवराज सिंह ने कहा कि क्रिकेट ने मुझे नये दोस्त दिये, क्रिकेट ने मुझे सिखाया कि आखिरी सांस तक डटना ही जीवन है, इस दौरान युवी ने अपने साथ खेलने वाले तमाम अन्य खिलाड़ियों को भी धन्यवाद कहा।
पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का जिक्र करते हुए युवी ने कहा कि मैंने अपना करियर गांगुली की कप्तानी में शुरु किया था, मैं उन्हें और चयनकर्ताओं को शुक्रिया अदा करना चाहूंगा, जिन्होने मुझे साल 2000 में मौका दिया।
तेंदुलकर का भी जिक्र
युवी ने प्रेस कांफ्रेंस में सचिन तेंदुलकर का भी जिक्र किया, उन्होने कहा कि मुझे मेरे आदर्श खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के साथ खेलने का मौका मिला, प्रेस कांफ्रेंस के दौरान युवी कई बार भावुक भी हुए,
37 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली रहा, कि मैंने टीम इंडिया की ओर से 400 मैच खेले, जब मैंने खेलना शुरु किया था, तो इस बारे में सोच भी नहीं सकता था।
युवी का करियर
टेस्ट मैच- 40- कुल रन 1900, तीन शतक
वनडे - 304- रन 8701, 14 शतक
टी- 20- 58 , रन 1177, 8 अर्धशतक


