6 साल मुसलमान बन पाक में रहने वाले इस नौकरशाह को पीएम मोदी ने दिया कैबिनेट रैंक, पढिये पूरी खबर
अजीत डोभाल 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, उन्होने अपने करियर का ज्यादातर समय आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) में बिताये हैं, वो आईबी प्रमुख भी रह चुके हैं।
अजीत डोभाल 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, उन्होने अपने करियर का ज्यादातर समय आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) में बिताये हैं, वो आईबी प्रमुख भी रह चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करीबी कहे जाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल अब पहले से ज्यादा ताकतवर हो गये हैं, मोदी सरकार ने पिछले 5 साल में डोभाल के काम को देखते हुए उन्हें इस बार कैबिनेट रैंक का दर्जा दिया है, इसके साथ ही सरकार ने साफ कर दिया है कि अगले 5 साल तक डोभाल इस पद पर बने रहेंगे।एनएसए बने रहेंगे
पिछले सप्ताह पीएम मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिये शपथ लिया, उनके करीबी कहे जाने वाले अमित शाह को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई और
पिछले कार्यकाल में गृह मंत्री रहे राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय सौंपा गया, तो अजित डोभाल के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बने रहने को लेकर कयास लगाये जाने शुरु हो गये।
कौन हैं अजीत डोभाल
आपको बता दें कि डोभाल 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, उन्होने अपने करियर का ज्यादातर समय आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) में बिताये हैं, वो आईबी प्रमुख भी रह चुके हैं,
6 साल तक पाकिस्तान में भी रहे हैं, अपने करियर के शुरुआती दिनों में वो पुलिस अधिकारी रहे, उन्हें साल 1998 में कीर्ति चक्र से भी सम्मानित किया गया था।
क्यों खास हैं डोभाल
अजीत डोभाल को 2014 में 5वां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया था, पीएम मोदी के कार्यकाल में डोभाल ने कई बड़े फैसलों को अंजाम दिया,
उनकी निगरानी में 29 सितंबर 2016 को पीओके में घुसकर भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था, फिर इस साल 26 फरवरी को पाक के बालाकोट में एयर स्ट्राइक किया था, डोभाल 6 साल पाकिस्तान में मुसलमान बन कर रह चुके हैं।


