ऐतिहासिक जीत के बाद भी मिशन मोड में हैं अमित शाह, कहा अभी बीजेपी का स्वर्ण युग नहीं, ये है नया लक्ष्य

अमित शाह ने कहा कि सदस्यता अभियान के जरिये हमें उन प्रदेशों और इलाकों में खासकर अपनी पैठ बनानी है, जहां लोकसभा चुनाव में हर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके।

अमित शाह ने कहा कि सदस्यता अभियान के जरिये हमें उन प्रदेशों और इलाकों में खासकर अपनी पैठ बनानी है, जहां लोकसभा चुनाव में हर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके।

हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक जीत मिली, बीजेपी पहली बार तीन सौ का आंकड़ा पार किया, हालांकि इसके बावजूद राष्ट्रीय अध्यक्ष संतुष्ट नहीं हैं, उन्होने नया लक्ष्य निर्धारित किया है, उन्होने कहा है कि पार्टी के सदस्यों की संख्या में बीस फीसदी बढोतरी करनी है, दोबारा सत्ता में लौटने के बावजूद अमित शाह ने कहा कि अभी पार्टी का स्वर्ण युग नहीं आया है, साथ ही उन्होने कार्यकर्ताओं की जमकर तारीफ की।

शिवराज को बड़ी जिम्मेदारी 
बुधवार को बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी पदाधिकारियों, प्रदेश अध्यक्षों और संगठन मंत्रियों के साथ बैठक की,
जिसमें अमित शाह ने पार्टी के लिये नये सदस्यों को जोड़ने के लिये अभियान चलाने की बात की, एमपी के पूर्व सीएम और पार्टी उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में 5 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।

अभी स्वर्ण युग नहीं
मीटिंग के बाद बिहार के प्रभारी और बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र यादव ने कहा कि अमित शाह ने  लोकसभा चुनाव में 303 सीटें और 16 राज्यों में 50 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल करने को बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा बताया,
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि इसके बावजूद अभी पार्टी का स्वर्ण युग नहीं आया है, अभी हमें और मेहनत करनी है।

तुष्टिकरण-वंशवाद का अंत
अमित शाह ने कहा कि सदस्यता अभियान के जरिये हमें उन प्रदेशों और इलाकों में खासकर अपनी पैठ बनानी है, जहां लोकसभा चुनाव में हर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके।


शाह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के परिणाम बीजेपी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की मेहनत और सरकार संगठन की राष्ट्रवाद, सुशासन और गरीब कल्याण नीति का नतीजा है, आजादी के बाद पहली बार जातिवाद, तुष्टिकरण और वंशवाद की राजनीति का अंत हुआ है।