संन्यास के बाद युवराज को मिलने जा रहा है बड़ा तोहफा, ताउम्र याद रखेंगे वो और पूरी दुनिया

युवराज के पिता योगराज सिंह खुद भी क्रिकेटर थे, हालांकि लंबे समय तक वो टीम इंडिया में नहीं खेल सके, जिसके बाद उन्होने जिद ठान ली थी, कि बेटे को दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेटर बनाऊंगा

युवराज के पिता योगराज सिंह खुद भी क्रिकेटर थे, हालांकि लंबे समय तक वो टीम इंडिया में नहीं खेल सके, जिसके बाद उन्होने जिद ठान ली थी, कि बेटे को दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेटर बनाऊंगा।

स्टाइलिश बल्लेबाज युवराज सिंह से इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, अब उन्हें ऐसा तोहफा मिलने जा रहा है, जिसे वो और सारी दुनिया जीवन भर याद रखेंगे। आइये आपको बताते हैं कि आखिर ऐसा क्या उन्हें तोहफा मिलने वाला है। दरअसल सिक्सर किंग का जन्म चंडीगढ में हुआ, उन्होने चंडीगढ के सेक्टर 16 क्रिकेट स्टेडियम से करियर की शुरुआत की।

सम्मान के लिये प्लानिंग 
युवी के इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद उनके दोस्तों, टीम के साथियों और कोच ने अपनी-अपनी राय दी, सबने उन्हें योद्धा बताया,
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन आगामी बैठक में युवराज सिंह के रिटायरमेंट पर उनके सम्मान के लिये प्लानिंग करेगी।

म्यूजियम में खास जगह 
वहीं डीएवी कॉलेज अपने स्टार क्रिकेटर के लिये म्यूजियम में खास स्थान बनाएगा, जहां पर सिर्फ युवी के क्रिकेट करियर से जुड़ी चीजों को संजोकर रखा जाएगा,
ताकि कॉलेज के छात्र उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जान सकें, युवी ने डीएवी कॉलेज से ही ग्रेजुएशन किया है।

पिता का सपना
युवराज के पिता योगराज सिंह खुद भी क्रिकेटर थे, हालांकि लंबे समय तक वो टीम इंडिया में नहीं खेल सके, जिसके बाद उन्होने जिद ठान ली थी,
कि बेटे को दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेटर बनाऊंगा, इसकी वजह से बचपन में उन्होने युवराज पर खूब अत्याचार भी किये, प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भी युवी ने इन बातों को जिक्र किया और पिता को ड्रैगन बताया।

कोच ने क्या कहा  
चंडीगढ सेक्टर 16 स्टेडियम में क्रिकेट की ट्रेनिंग देने वाले कोच हरीश शर्मा ने बताया कि बचपन से ही युवराज काफी मेहनती  थे, वो कई कई घंटे कड़ी धूप में प्रैक्टिस करते थे,
उनकी ललक ने ही उन्हें टीम इंडिया में जगह दिलाई, युवी जब लय में होते हैं, तो दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं, वो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाने की कूवत रखते हैं। डीएवी कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा कि युवराज हमारी शान हैं, हम उनके संन्यास के बाद उनके सम्मान में अपने म्यूजियम में उन्हें खास स्थान देंगे, ताकि हर कोई उनके बारे में जान सके।