नीतीश कुमार की पार्टी का बड़ा ऐलान, अकेले लड़ेंगे विधानसभा चुनाव, चढा सियासी पारा
16 सांसद के बावजूद नीतीश की पार्टी को सिर्फ एक मंत्री पद दिया जा रहा था, जिससे नाराज नीतीश कुमार ने बीजेपी से कहा कि इसकी भी जरुरत नहीं है।
16 सांसद के बावजूद नीतीश की पार्टी को सिर्फ एक मंत्री पद दिया जा रहा था, जिससे नाराज नीतीश कुमार ने बीजेपी से कहा कि इसकी भी जरुरत नहीं है।
बिहार में इन दिनों सियासी पारा उफान मार रहा है, हालांकि एनडीए के नेता दावा कर रहे हैं कि सबकुछ ठीक है, हालांकि हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं, इन्हीं सब खबरों के बीच अब नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, लेकिन ये ऐलान बिहार नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य झारखंड के लिये हैं।सभी सीटों पर अकेले लड़ेंगे चुनाव
जी हां, बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड में जदयू ने इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में अकेले ही सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है,
आपको बता दें कि बिहार में जदयू बीजेपी के साथ गठबंधन में है, हालांकि आपको बता दें कि सिर्फ झारखंड ही नहीं बल्कि देश के दूसरे प्रदेशों में भी जदयू बीजेपी से अलग चुनाव लड़ती है, इनका गठबंधन सिर्फ बिहार में है।
प्रदेश अध्यक्ष ने किया ऐलान
झारखंड जदयू अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने जमशेदपुर में ऐलान किया, कि जदयू ना सिर्फ प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ेगी, बल्कि अपने बलबूते सरकार भी बनाएगी,
आपको बता दें कि फिलहाल झारखंड में बीजेपी की सरकार है, रघुबर दास प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। 2014 में बीजेपी को 81 में से 37 सीटें मिली थी, आजसू के साथ मिलकर बीजेपी ने प्रदेश में सरकार बनाई, फिर बाद में झारखंड विकास मोर्चा के 8 में से 6 विधायक टूट बीजेपी के साथ आ गये, जिसकी वजह से बीजेपी के विधायकों की संख्या 43 हो गई है।
बिहार में भी मनमुटाव
आपको बता दें कि इन दिनों बिहार में भी जदयू-बीजेपी के बीच मनमुटाव की खबरें सुर्खियां बटोर रही है, दरअसल बिहार में एनडीए ने कमाल का प्रदर्शन किया,
40 में से 39 सीटों पर जीत हासिल की, 16 सांसद के बावजूद नीतीश की पार्टी को सिर्फ एक मंत्री पद दिया जा रहा था, जिससे नाराज नीतीश कुमार ने बीजेपी से कहा कि इसकी भी जरुरत नहीं है, तभी से दोनों के बीच मनमुटाव की खबरें चल रही है, इसके बाद नीतीश ने अपने कैबिनेट का विस्तार किया, जदयू कोटे से 8 नये मंत्रियों को जगह दी, लेकिन बीजेपी से किसी को भी मंत्री नहीं बनाया।


