नीतीश ने गर्मजोशी से किया मांझी का स्वागत, चढा सियासी पारा, बीजेपी में मच सकती है खलबली
जदयू के कार्यक्रम में जीतन राम मांझी के पहुंचने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा खूब हो रही है।
जदयू के कार्यक्रम में जीतन राम मांझी के पहुंचने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा खूब हो रही है।
बिहार में सियासी पारा उतरने का नाम नहीं ले रहा है, बीजेपी और जदयू में मनमुटाव की खबरें आ रही थी, कि इसी बीच पूर्व सीएम जीतन राम मांझी अचानक जदयू के इफ्तार पार्टी में पहुंच गये, इतना ही नहीं नीतीश कुमार ने हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया, आपको बता दें कि पिछले कुछ सालों में नीतीश और मांझी के बीच कैसे राजनीतिक रिश्ते थे, किसी से छुपी नहीं है, दोनों एक-दूसरे पर कटाक्ष करने का कोई मौका नहीं छोड़ते थे।मांझी की सफाई
जदयू के इफ्तार पार्टी में शामिल होने पर हिंदुस्तान अवाम मोर्चा के अध्यक्ष सफाई देते हुए कहा कि हममें और नीतीश जी में कोई खिचड़ी नहीं पक रही,
मुझे जदयू की ओर से इफ्तार पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण मिला था, इसलिये हम चले आए, सबसे बड़ी बात ये भी है कि हम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने आवास पर होने वाले इफ्तार पार्टी में आने के लिये आमंत्रित करने आये थे, इसमें खिचड़ी पकने की क्या बात है, उन्होने मीडिया से कहा कि खिचड़ी हम नहीं बल्कि आप लोग पकाते हैं।
जदयू -बीजेपी ने बनाये रखी दूरी
आपको बता दें कि जदयू के इफ्तार पार्टी में बीजेपी की ओर से कोई भी बड़ा चेहरा नहीं पहुंचा, इतना ही नहीं बीजेपी ने भी इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था,
जिसमें जदयू की ओर से कोई नहीं दिखा, जिसके बाद से दोनों के बीच मनमुटाव की खबरें आने लगी है।
मांझी का मन डोलेगा तो नहीं
जदयू के कार्यक्रम में जीतन राम मांझी के पहुंचने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा खूब हो रही है, हाल ही में मांझी ने तेजस्वी यादव को महागठबंधन का नेता मानने से इंकार कर दिया था,
जिसके बाद से ही कयास लगाये जा रहे हैं कि क्या विधानसभा चुनाव से पहले फिर जीतन राम मांझी का मन डोल रहा है क्या।
अलग फ्रंट की तैयारी में नीतीश
सूत्रों का दावा है कि भले नीतीश कुमार बीजेपी के साथ मिलकर सरकार चला रहे हों, लेकिन वो मोदी-शाह के साथ सहज नहीं हैं, इसलिये उन्होने बीच में राजद के पास वापस भी जाने का सोचा था,
लेकिन वहां भी दरवाजा बंद हो चुका है, जिसके बाद नीतीश तीसरे विकल्प को तैयार करने में लगे हैं, ताकि विधानसभा चुनाव में पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरा जा सके।



