हिंदी में शपथ लेने वाले कांग्रेसी सांसद को सोनिया गांधी ने लगाई झाड़, पढिये पूरी खबर
कोडिकुन्निल सुरेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद शपथ लेने वाले दूसरे सदस्य थे, उन्होने शपथ ग्रहण करने के बाद पीएम मोदी को दूसरे कार्यकाल के लिये बधाई भी दी थी।
कोडिकुन्निल सुरेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद शपथ लेने वाले दूसरे सदस्य थे, उन्होने शपथ ग्रहण करने के बाद पीएम मोदी को दूसरे कार्यकाल के लिये बधाई भी दी थी।
केरल से कांग्रेस सांसद कोडिकुन्निल सुरेश ने हिंदी में शपथ ग्रहण कर सभी को चौंका दिया, उनके इस कदम के बाद कई सांसदों में मेज थपथपाकर उनकी तारीफ की, लेकिन उनके इस फैसले के बाद यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने उन्हें तलब किया, बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी ने उन्हें जमकर झाड़ लगाई, खबर है कि सुरेश के इस कदम के बाद केरल से चुने गये सभी सांसदों को सोनिया गांधी ने मलयालम में शपथ लेने की हिदायत दी।शपथ लेने वाले दूसरे सदस्य
आपको बता दें कि कोडिकुन्निल सुरेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद शपथ लेने वाले दूसरे सदस्य थे, उन्होने शपथ ग्रहण करने के बाद पीएम मोदी को दूसरे कार्यकाल के लिये बधाई भी दी थी,
उन्हें संसद के प्रोटेम स्पीकर वीरेन्द्र सिंह ने शपथ दिलाई।
पीएम मोदी ने थपथपाई थी मेज
सुरेश 17वीं लोकसभा चुनाव में मावेलीकारा सीट से लड़े थे, जब उन्होने हिंदी में संसद सदस्य के रुप में शपथ लिया, तो बाकी सांसद भी हैरान रह गये,
हालांकि बाद में सबने मेज थपथपाकर उनके इस फैसले का स्वागत किया, मेज थपथपाने वाले सांसदों में खुद पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल थे। इसके बाद केरल के वायनाड सीट से जीते कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अंग्रेजी में शपथ लिया।
सोनिया गांधी ने किया तलब
डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के अनुसार सुरेश जब शपथ लेने के बाद वापस लौटे, तो सोनिया गांधी ने उनसे इसका कारण पूछा, इसके जवाब में नवनिर्वाचित सांसद ने मीडिया को बाहर निकलकर बताया,
सोनिया गांधी ने पूछा कि उन्होने हिंदी में शपथ क्यों ली, जबकि पिछली बार उन्होने अंग्रेजी में शपथ ली थी, तो इस बार मैंने सोचा कि कुछ बदलाव करते हैं और हिंदी में शपथ ली।
विचार बदल लिया
एक लीडिंग वेबसाइट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ये भी दावा किया जा रहा है कि
सोनिया के इस कदम के बाद केरल से आने वाले दो और कांग्रेसी सांसदों राजमोहन उन्नीथन और वीके श्रीकांतन ने जिन्होने हिंदी में शपथ लेने का फैसला लिया था, उन्होने अपने विचार बदल लिये।



