फिर मोदी-शाह के टकराने को तैयार प्रशांत किशोर, एक्सेप्ट की सबसे बड़ी चुनौती

अब 2021 विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के लिये रणनीति बनाते दिखेंगे

अब 2021 विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के लिये रणनीति बनाते दिखेंगे।

जदयू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और सीएम ममता बनर्जी के बीच मुलाकात से देश की राजनीति गरमा गई है, वैसे तो पीके चुनावी रणनीतिकार की हैसियत से ममता दीदी से मिले थे, लेकिन इसके राजनीतिक मायने काफी दूर तक समझे जा रहे हैं, प्रशांत किशोर और ममता बनर्जी की मुलाकात ने बिहार की राजनीति को भी गरमा दिया है।

इन पार्टियों के लिये बना चुके हैं रणनीति
आपको बता दें कि प्रशांत किशोर पीएम मोदी के लिये गुजरात विधानसभा, फिर 2014 लोकसभा चुनाव, उसके बाद 2015 में जदयू के लिये, यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिये,
पंजाब कांग्रेस के लिये और आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस के लिये काम कर चुके हैं, सीएनएन न्यूज-18 की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होने टीएमसी के साथ पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिये समझौता कर लिया है।

ममता के लिये करेंगे काम
अब 2021 विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के लिये रणनीति बनाते दिखेंगे, आपको  बता दें कि बंगाल में कांग्रेस और लेफ्ट बिल्कुल हाशिये पर है,
सीधी लड़ाई बीजेपी और टीएमसी के बीच है, पिछले 10 साल से ममता बनर्जी मुख्यमंत्री हैं, हालिया लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन से ममता के कुनबे में खलबली है, इसलिये उन्होने प्रशांत किशोर को रणनीति की जिम्मेदारी सौंपी है।

जदयू की सफाई 
पीके और ममता दीदी की मुकालाकात पर जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि प्रशांत किशोर और ममता बनर्जी की मुलाकात गैर राजनीतिक है, अगर ये मुलाकात प्रोफेशनली है,
तो फिर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस पर आगे की कार्रवाई करेंगे, अजय आलोक ने ये भी कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष से बिना इजाजत लिये एक राजनीतिक दल में रहते हुए दूसरे दल के लिये काम करना संभव नहीं है, फिलहाल दोनों की मुलाकात के बारे में हम लोगों के पास आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी नहीं है।