कठुआ केस में फैसला आने के बाद महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान, कही ये बात
पीडीपी प्रमुख और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा, कि इस फैसले का स्वागत करती हूं, ये समय घिनौने अपराधों पर राजनीति करने का नहीं है।
पीडीपी प्रमुख और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा, कि इस फैसले का स्वागत करती हूं, ये समय घिनौने अपराधों पर राजनीति करने का नहीं है।
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 8 वर्षीय बच्ची के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में पठानकोट की एक विशेष अदालत ने 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है, जिनमें सांजी राम, दीपक कुमार, प्रवेश कुमार, सुरेन्द्र कुमार, आनंद दत्ता और तिलक राज शामिल है। इस घटना ने जम्मू-कश्मीर ही नहीं बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था, प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों को अपने पद से हाथ धोना पड़ा था, आरोपियों को दोषी करार दिये जाने के बाद पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उम्मीद है दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।महबूबा का ट्वीट
पीडीपी प्रमुख और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा, कि इस फैसले का स्वागत करती हूं, ये समय घिनौने अपराधों पर राजनीति करने का नहीं है,
8 साल की बच्ची को नशीला पदार्थ दिया गया, उसका सामूहिक बलात्कार किया गया, फिर मौत की नींद सुला दिया गया, उम्मीद है कि हमारी न्यायिक व्यवस्था की खामियों का फायदा नहीं उठाया जाएगा, दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी, जो मिसाल बनेगी।
उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा
जम्मू-कश्मीर के एक और पूर्व सीएम और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि कानून के तहत दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिये।
आपको बता दें कि आज ही दोषियों को सजा भी सुनाई जाएगी, दोपहर बाद कोर्ट सजा का ऐलान करेगा।
मंदिर में बंधक बनाया
हाई कोर्ट ने इस मामले को जम्मू-कश्मीर से बाहर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था, इससे पहले कठुआ के वकीलों ने अपराध शाखा के अधिकारियों के मामले में आरोप पत्र दाखिल करने से रोका था,
मामले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था, पंद्रह पन्नों के आरोप पत्र के मुताबिक पिछले साल 10 जनवरी को बच्ची को अगवा किया गया था, 8 साल की बच्ची को मंदिर में बंधक बनाकर रखा गया था, इस दौरान बच्ची को भांग और नशीली दवा खिलाकर अचेत कर दिया जाता था, फिर उस पर अत्याचार किया गया था, 13 जनवरी को बच्ची की हत्या कर लाश को इलाके में ही फेंक दिया गया था।


