कैप्टन पर सिद्धू की पत्नी ने लगाया बड़ा आरोप, आर-पार के मूड में पूर्व क्रिकेटर की पत्नी
सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर कैप्टन अमरिंदर सिंह पर सीधे हमलावर नजर आई, उन्होने इशारों में सीएम के कामकाज पर भी सवाल उठाये।
सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर कैप्टन अमरिंदर सिंह पर सीधे हमलावर नजर आई, उन्होने इशारों में सीएम के कामकाज पर भी सवाल उठाये।
पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच खींचतान जारी है, अब सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने एक बार फिर सीएम पर कटाक्ष किये हैं और बागी तेवर दिखाये हैं, उन्होने कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना नेता मानने से इंकार कर दिया है, नवजोत कौर ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह हमारे कैप्टन नहीं हैं, हमारे कैप्टन तो बस राहुल गांधी है।कैप्टन के खिलाफ खोला मोर्चा
सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर कैप्टन अमरिंदर सिंह पर सीधे हमलावर नजर आई, उन्होने इशारों में सीएम के कामकाज पर भी सवाल उठाये, और सिद्धू को लेकर उनके रुख पर भी सवाल किये,
नवजोत कौर ने कैप्टन को अपना नेता मानने से इंकार कर दिया, उन्होने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके कैप्टन सिर्फ राहुल गांधी हैं, राहुल और प्रियंका गांधी उन्हें कांग्रेस में लाये थे, इसलिये उनके सिवाय कोई और उनका कैप्टन नहीं हो सकता।
हमें बैठक में बुलाया ही नहीं गया
नवजोतक कौर ने कैप्टन पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पंजाब में सभी 13 सीटें ना जीत पाने की बड़ी वजह कार्यकर्ताओं की नाराजगी है,
लोकसभा चुनाव के बाद कैप्टन द्वारा बुलाई गई रिव्यू मीटिंग में सिद्धू के शामिल ना होने के सवाल पर उन्होने कहा कि उन्हें मीटिंग में बुलाया ही नहीं गया, बिना बुलाये वो कैसे चले जाते।
सरकार पर निशाना
सिद्धू की पत्नी ने कहा कि उनके पति ने अपने मंत्रालय का रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक किया है, पंजाब के बाकी मंत्री और विधायक भी अपने ढाई साल के कामों को प्रस्तुत करें,
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह उनसे रिपोर्ट कार्ड मांगे, ताकि पंजाब का सुधार हो सके। नवजोत ने कहा कि पंजाब में नशे की गिरफ्त में फंसे नौजवान फौज में भर्ती नहीं हो पा रहे, नशे के खात्मे के लिये अगर कैप्टन सरकार ने केन्द्र से मदद मांगी है, तो इसमें हर्ज नहीं है।
आर-पार के मूड में हैं दोनों
कैप्टन और सिद्धू दोनों एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, अमरिंदर सिंह ने तो हाईकमान पर दबाव बनाना शुरु कर दिया, कि या तो मुझे या सिद्धू में से किसी एक को चुन ले,
हालांकि कांग्रेस हाईकमान मामले को टालने में लगे हुए हैं, लेकिन दोनों में से कोई भी चुप रहने को तैयार नहीं हैं।



