दौलत-शोहरत की चमक में रास्ता भटक गये थे हिटमैन रोहित शर्मा, फिर ऐसे अक्ल आई ठिकाने

कोच ने कहा कि मैंने रोहित को घर बुलाया और कहा कि आज आप जहां भी हो, वो सिर्फ अपने खेल की वजह से हो, लेकिन इन दिनों आप क्रिकेट पर ध्यान नहीं दे रहे हो।

कोच ने कहा कि मैंने रोहित को घर बुलाया और कहा कि आज आप जहां भी हो, वो सिर्फ अपने खेल की वजह से हो, लेकिन इन दिनों आप क्रिकेट पर ध्यान नहीं दे रहे हो।

टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा के बचपन के कोच दिनेश लाड ने कहा कि 2011 विश्वकप टीम में जगह नहीं मिलने के बाद हिटमैन अपने खेल को लेकर ज्यादा गंभीर हुए, कोच ने कहा कि उनकी बल्लेबाजी में तो कोई बदलाव नहीं आया है, लेकिन पहले से वो ज्यादा समझदार हो गये हैं, दिनेश लाड के मुताबिक साल 2009 से 2011 के दौरान हिटमैन पैसों और शोहरत की चकाचौंध से भटक गये थे, जिसकी वजह से क्रिकेट पर उनका ध्यान कम हो गया था।

खुद को सुधारा
रोहित के बचपन के कोच ने कहा कि जब हिटमैन को 2011 आईसीसी विश्वकप टीम में जगह नहीं मिली, तो फिर उनकी अक्ल ठिकाने आई, उन्होने अपने क्रिकेट पर ध्यान देना शुरु किया।
आपको बता दें कि आईसीसी विश्वकप 2019 के तीन मुकाबलों में से रोहित ने दो शतक और एक अर्धशतक लगाया है। जिन दो मैचों में उन्होने शतक लगाये हैं, उनमें टीम इंडिया को बड़ी जीत मिली है।

बल्लेबाजी में बदलाव नहीं
दिनेश लाड ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि मैंने उन्हें बचपन से क्रिकेट खेलते देखा है, उनकी बैटिंग स्टाइल में कोई बदलाव नहीं आया है, हां,
अनुभव के साथ वो ज्यादा परिपक्व हो गये हैं। रोहित ने 2007 से 2009 तक अच्छा खेल दिखाया, जिम्बॉब्बे के खिलाफ दो शतक लगाये, लेकिन फिर 2009 से 2011 तक पैसों और शोहरत की वजह से उनका ध्यान भटक गया, उन्होने खेल पर ध्यान देना कम कर दिया, इसी वजह से उन्हें 2011 विश्वकप टीम में भी जगह नहीं मिली।

खेल पर ध्यान दो
दिनेश लाड ने कहा कि मैंने रोहित को घर बुलाया और कहा कि आज आप जहां भी हो, वो सिर्फ अपने खेल की वजह से हो, लेकिन इन दिनों आप क्रिकेट पर ध्यान नहीं दे रहे हो,
इसलिये आपसे प्रैक्टिस पर ध्यान देने का निवेदन कर रहा हूं। मैंने तब रोहित से कहा था कि विराट कोहली आपके बाद टीम में आये और जगह पक्की कर ली, विश्वकप खेल रहे हैं, अंतर देखो, जिसके बाद उन्होने अपने खेल पर ध्यान देना शुरु किया। और टीम में वापस लौटे ।