कभी स्कूल फीस तक भरने के नहीं थे पैसे, दिलचस्प है ऑफ स्पिनर से क्रिकेट के हिटमैन बनने का सफर
एकदिवसीय क्रिकेट में एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज, साल 2014 में श्रीलंका के खिलाफ 264 रनों की पारी खेली थी।
एकदिवसीय क्रिकेट में एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज, साल 2014 में श्रीलंका के खिलाफ 264 रनों की पारी खेली थी।
विश्वकप 2019 में टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा का बल्ला जमकर बोल रहा है, मैनचेस्टर में पाक के खिलाफ उन्होने शानदार शतक लगाया, इस विश्वकप में टीम इंडिया अब तक तीन मैच खेली है, जिसमें रोहित के बल्ले से दो शतक और 1 अर्धशतक निकला है। दुनिया भर के गेंदबाजों के लिये सिरदर्द बनें रोहित शर्मा वैसे तो फैंस के दिलों पर राज करते हैं, लेकिन उनके लिये सफलता का ये सफर इतना भी आसान नहीं था। भले आज हिटमैन अरबों की संपत्ति के मालिक हों, लेकिन एक समय ऐसा था, जब उऩके पिता के पास उनकी स्कूल फीस भरने तक को पैसे नहीं थे। उनके पिता एक निजी फर्म में केयर टेकर का काम करते थे और मां हाउसवाइफ थीं।एक कमरे के घर में रहते थे
रोहित शर्मा का परिवार साधारण था, जब वो डेढ साल के थे, तो पिता परिवार के साथ डोंबिवली के एक कमरे के घर में शिफ्ट हो गये, रोहित के छोटे भाई का नाम विशाल शर्मा है,
रोहित के दादा ने कहा कि आप दो बच्चों को खर्च नहीं उठा पाओगे, तो एक बच्चा हमें दे दो, जिसके बाद रोहित के बचपन का ज्यादातर समय ग्रैंडपैरेंट्स और अंकल के यहां बीता, वो वीकेंड पर अपने मम्मी-पापा से मिलने जाते थे।
सपने देखना नहीं छोड़ा
बचपन से ही रोहित शर्मा को क्रिकेट का शौक था, लेकिन गरीबी झेल रहे परिवार के पास जब स्कूल फीस देने को पैसे नहीं थे, तो फिर शौक को कहां से परवान चढाते,
हालांकि इसके बाद हिटमैन ने सपने देखना नहीं छोड़ा, वो घंटों क्रिकेट खेलते और अपने अंकल के साथ इस पर चर्चा करते। रोहित की क्रिकेट के प्रति दीवानगी देख उनके अंकल और उनके कुछ दोस्तों में मिलकर 50-50 रुपये जुटाकर 1999 में उनका दाखिला एक छोटी सी क्रिकेट अकादमी में करा दिया।
ऑफ स्पिनर से बल्लेबाज बनने की कहानी
शुरुआती दिनों में रोहित ऑफ स्पिनर गेंदबाज थे, तभी उन्होने एक क्रिकेट कैंप में हिस्सा लिया, जहां उनकी प्रतिभा को स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल के क्रिकेट कोच दिनेश लाड ने देखा, कोच ने कुछ समय बाद रोहित का दाखिला स्वामी विवेकानंद स्कूल में करा दिया।
ताकि उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल सके। शुरुआत में हिटमैन स्कूल जाने में हिचक रहे थे, क्योंकि उन्हें पता था कि स्कूल काफी महंगा है। उनके पिता उतनी फीस नहीं उठा सकते, जिसके बाद दिनेश लाड ने उनके लिये अगले 4 साल तक स्कॉलरशिप की व्यवस्था की, ताकि वो अपनी तैयारी बिना किसी बाधा के कर सके, इसके साथ ही दिनेश लाड ने उन्हें बैंटिग प्रैक्टिस करने को कहा, रोहित ने बतौर सलामी बल्लेबाज अपने पहले ही इंटर स्कूल मैच में नाबाद 120 रनों की पारी खेल दी।
बड़े रिकॉर्ड्स
एकदिवसीय क्रिकेट में एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज, साल 2014 में श्रीलंका के खिलाफ 264 रनों की पारी खेली थी।
एकदिवसीय क्रिकेट में 3 दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज, 2 श्रीलंका और एक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ
वनडे में सबसे ज्यादा 7 बार 150 का स्कोर पार करने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज, सचिन तेंदुलकर और वॉर्नर ने 6-6 बार ऐसा किया है।
इंटरनेशनल क्रिकेट में दो बार लगातार 4 छक्के लगाने वाले इकलौत बल्लेबाज
वनडे में सबसे ज्यादा 33 चौके (एक पारी में ) लगाने का रिकॉर्ड।



