सचिन ने की थी आलोचना, अब धोनी की बल्लेबाजी पर सौरव गांगुली ने तोड़ी चुप्पी, कह दी ऐसी बात
अफगानिस्तान के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन करने पर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा था कि धोनी और केदार जाधव समेत मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों में सकारात्मकता की कमी दिखी
अफगानिस्तान के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन करने पर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा था कि धोनी और केदार जाधव समेत मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों में सकारात्मकता की कमी दिखी।
विश्वकप में भारतीय क्रिकेट टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है, टीम अभी तक अजेय है, हालांकि अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने निराश किया,जिसके बाद पूर्व कप्तान धोनी कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स और फैंस के निशाने पर हैं, दरअसल धोनी ने अफगानिस्तान के खिलाफ काफी धीमी बल्लेबाजी की, उन्होने 52 गेंदों में मात्र 28 रन बनाये, जिसके बाद उनके खिलाफ खूब बयानबाजी हो रही है, मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी उनकी ऐसी बल्लेबाजी की आलोचना की, अब सौरव गांगुली ने इस पर चुप्पी तोड़ी है।
गांगुली ने किया बचाव
पूर्व कप्तान धोनी की धीमी पारी पर सौरव गांगुली ने कहा कि वो शानदार बल्लेबाज हैं, और जल्द ही वापसी करेंगे। पबूर्व कप्तान ने धोनी के बारे में बोलते हुए कहा कि माही बेहतरीन बल्लेबाज हैं,
जल्द ही वो खुद को साबित करेंगे, उनका सिर्फ एक मैच खराब रहा है, इसलिये ज्यादा आलोचना नहीं होनी चाहिये।
क्या कहते हैं आंकड़े
सौरव गांगुली का बयान कुछ हद तक सही भी है, क्योंकि आंकड़े भी इस बात की गवाही देते हैं। माही ने साल 2019 में 50 से ज्यादा के औसत से रन बनाये हैं,
उन्होने 12 पारियों में 417 रन बनाये हैं। जिसमें 4 अर्धशतक भी शामिल है। हालांकि उनका स्ट्राइक रेट 78.38 का रहा है, जो उनके करियर स्ट्राइक रेट 87.47 से काफी नीचे है।
रणनीति में बड़ी भूमिका
भले धोनी अफगानिस्तान के खिलाफ धीमी बल्लेबाजी की वजह से आलोचकों के निशाने पर हों, लेकिन टीम इंडिया की जीत में उन्होने बड़ी भूमिका अदा की,
माही ने आखिरी ओवर्स में रणनीति से अफगानिस्तान को घेरा, जिसकी वजह से वो उलटफेर नहीं कर सके, आखिरी ओवर में हैट्रिक विकेट लेने वाले मोहम्मद शमी ने जीत के बाद धोनी को इसका श्रेय दिया।
सचिन ने की थी आलोचना
अफगानिस्तान के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन करने पर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा था कि धोनी और केदार जाधव समेत मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों में सकारात्मकता की कमी दिखी,
विराट को छोड़ सब फेल रहे, सचिन के मुताबिक धोनी की बल्लेबाजी देख उन्हें निराशा हुई, ये और भी अच्छा हो सकता था, सचिन दोनों के बीच हुए पार्टनरशिप से भी खुश नहीं थे।




