ममता के समर्थन में उतरे शत्रुघ्न सिन्हा, 2002 गुजरात का जिक्र कर कही बड़ी बात
इससे पहले भी शत्रुघ्न सिन्हा ने बंगाल की सीएम को शेरनी का खिताब देते हुए कहा था कि बहुत हुआ।
इससे पहले भी शत्रुघ्न सिन्हा ने बंगाल की सीएम को शेरनी का खिताब देते हुए कहा था कि बहुत हुआ।
लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल होने वाले बॉलीवुड एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ममता बनर्जी के समर्थन में पूरी तरह से उतर आये हैं, दरअसल पश्चिम बंगाल की स्थिति को देखते हुए बीजेपी ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है, जिसके बाद शॉटगन ने ट्वीट करते हुए साल 2002 में गुजरात की स्थिति का जिक्र किया है।शॉटगन का ट्वीट
शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्विटर पर लिखा है कि एक विनम्र लेकिन दृढ सुझाव है, कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की आवश्यकता नहीं है,
अतीत में कई प्रदेश खराब स्थिति (यहां तक की हमारे स्वयं के गुजरात 2002 के बाद) में थे, लेकिन तब भी राष्ट्रपति शासन लागू नहीं किया गया, बंगाल को शांत, समृद्ध, प्रगति और सद्भाव की जरुरत है ना कि राष्ट्रपति शासन की, ये सच्चे अर्थों में बंगाल के लोगों के लिये, लोगों के द्वारा होना चाहिये, जय बंगाल, जय हिंद।
पहले भी किया था ट्वीट
मालूम हो कि इससे पहले भी शत्रुघ्न सिन्हा ने बंगाल की सीएम को शेरनी का खिताब देते हुए कहा था कि बहुत हुआ,
अब बंगाल की महान भूमि से एक शेरनी और जनता की सबसे लोकप्रिय नेता बनर्जी को बेवजह और ना उकसाया जाए, इस तरह का नाटक और पोस्टकार्ड भेजने की जंग को बंद किया जाए। आपको बता दें कि शॉटगन ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार भी बता चुके हैं।
टीएमसी रैली के मंच पर दिखे थे
इसी साल लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कोलकाता में ममता बनर्जी ने बड़ी रैली का आयोजन कर विपक्षी एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की थी,
तब शत्रुघ्न सिन्हा बीजेपी के सदस्य थे, इसके बावजूद ना सिर्फ उन्होने रैली में शिरकत की, बल्कि सरकार के खिलाफ भी हल्ला बोला था, हालांकि बीजेपी छोड़ने के बाद पटना साहिब से ही चुनाव लड़े और रिकॉर्ड मतों से हारे।


