सेमीफाइनल में अंपायरों से हुई बड़ी गलती? क्या रन आउट नहीं होते महेन्द्र सिंह धोनी

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अगर ये दावा सही है, तो फिर सेमीफाइनल मुकाबले में अंपायरों से बड़ी चूक हुई है, अगर अंपायर को इस बात का ध्यान रहता, तो फिर वो गेंद नोबॉल होती।

आईसीसी विश्वकप 2019 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड की टीम ने भारतीय टीम को 18 रनों से हरा दिया, आपको बता दें कि किवी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 239 रन बनाये थे, जवाब में विराट सेना 221 रनों पर सिमट गई, एक समय तो भारतीय टीम के 92 रन पर ही 6 बल्लेबाज पवेलियन लौट गये थे, इसके बाद धोनी ने जडेजा ने 116 रनों की साझेदारी की, जिससे टीम इंडिया खेल में वापस लौटी। हालांकि 48वं ओवर में जडेजा 77 पर आउट हो गये, फिर अगले ओवर में धोनी रन आउट हो गये, जिससे टीम इंडिया के तीसरी बार विश्व चैंपियन बनने का सपना टूट गया।

अंपायरों से हुई गलती?
48वें ओवर में जब एमएस धोनी बल्लेबाजी कर रहे थे, तो उस समय न्यूजीलैंड टीम के 4 खिलाड़ी 30 गज सर्कल के भीतर थे, लेकिन माही जिस गेंद पर रन आउट हुए,
उससे एक गेंद पहले ही किवी कप्तान ने फिल्डिंग में बदलाव किया था, तब 30 गज घेरे में सिर्फ तीन खिलाड़ी ही रह गये थे, हालांकि इन दावों को अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई  है, लेकिन सोशल मीडिया पर फिल्डिंग की जो ग्राफिक्स वायरल हो रही है, उसके मुताबिक 30 गज के सर्कल में तीन ही खिलाड़ी थे।

अंपायरों से चूक?
अगर ये दावा सही है, तो फिर सेमीफाइनल मुकाबले में अंपायरों से बड़ी चूक हुई है, अगर अंपायर को इस बात का ध्यान रहता, तो फिर वो गेंद नोबॉल होती,
और भारतीय टीम को एक अतिरिक्त गेंद मिलता, वो भी फ्री हिट। संभव है कि ऐसी स्थिति में धोनी दो रन लेने की जोखिम भी नहीं उठाते, हालांकि ऐसा हो नहीं सका, जिसकी वजह से दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से धोनी 50 के निजी स्कोर पर रन आउट हो गये।

18 रन से हार
उससे पहले न्यूजीलैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट पर 239 रन बनाये, लक्ष्य का पीछा कपने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत काफी खराब रही,
6 रन तक ही टॉप तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट गये, 92 रन तक 6 विकेट आउट हो चुके थे, हालांकि सातवें विकेट के लिये जडेजा और धोनी के बीच 116  रनों की साझेदारी हुई, जिससे टीम इंडिया लक्ष्य की ओर तेजी से बढ रही थी, लेकिन इस जोड़ी के आउट होते ही भारतीय फैंस की उम्मीदें भी टूट गई।