धोनी पर गौतम गंभीर का बड़ा दावा, याद दिलाया साल 2012, बयान से मच सकता है बवाल
गौतम गंभीर ने दावा करते हुए कहा कि धोनी ने 2012 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कहा था कि सचिन, सहवाग और गंभीर को एक साथ प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दे सकते।
इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर मुख्य मीडिया तक महेन्द्र सिंह धोनी के संन्यास की खबरें सुर्खियों में है, इन सबके बीच टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने धोनी को लेकर बड़ा दावा किया है, उन्होने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि माही ने साल 2012 में ही ये फैसला कर लिया था कि मैं, वीरु और सचिन पाजी 2015 विश्वकप में नहीं खेलेंगे, इसलिये उन्होने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खुलकर कहा था कि हम तीनों को एक साथ प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी जाएगी।गंभीर का दावा
पूर्व सलामी बल्लेबाज ने दावा करते हुए कहा कि धोनी ने 2012 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कहा था कि सचिन, सहवाग और गंभीर को एक साथ प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दे सकते,
क्योंकि इनकी फिल्डिंग कमजोर है, गौती ने कहा कि धोनी का ये कहना मेरे लिये काफी बड़ा झटका था, ये किसी भी खिलाड़ी के लिये झटका होता।
2012 में ही तय कर लिया
गौतम गंभीर ने कहा कि मैंने आजतक कभी नहीं सुना कि कोई आपको 2012 में ही बता दे, कि आप 2015 विश्वकप में नहीं खेलेंगे, मुझे हमेशा लगता है कि अगर आपके बल्ले से रन निकल रहे हैं,
आप फिट हैं, तो फिर उम्र महज एक नंबर है, लेकिन उन्होने सबकुछ पहले ही तय कर लिया था।
आगे देखने का समय
गौती ने ये भी कहा कि अब महेन्द्र सिंह धोनी से आगे देखने का समय आ गया है, पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि जब धोनी कप्तान थे, तो उन्होने भी भविष्य को देखते हुए टीम का चयन करते थे,
उन्होने भी अपनी कप्तानी में भविष्य के खिलाड़ियों पर दांव लगाया था, अब इमोशनल नहीं बल्कि प्रैक्टिकल फैसले लेने का समय है, धोनी से आगे देखा जाए।
इन्हें मिले मौका
गौतम गंभीर ने टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि अब ऋषभ पंत, ईशान किशन और संजू सैमसन जैसे युवा विकेटकीपर पर ध्यान लगाने का समय है, उन्हें भी एक डेढ साल का समय मिलना चाहिये,
अगर वो मौके को भुनाते हैं, अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो ठीक है, नहीं तो दूसरे खिलाड़ियों को मौका मिलना चाहिये।



