अखबार ने खोल दी इमरान खान की पोल, इमरान खान को देखना नहीं चाहते ट्रंप, सिफारिश से लिया समय
पाकिस्तानी अखबार ने दावा किया है कि ये सऊदी अरब के राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान की कोशिशों का नतीजा है कि इमरान खान की अमेरिकी यात्रा हो सकी।
अमेरिका दौरे पर पहुंचे पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के साथ जिस तरह का बर्ताव हो रहा है, उसकी पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है, इमरान खान जब अमेरिकी एयरपोर्ट पर उतरे, तो उन्हें कोई वीआईपी सुविधा नहीं मिली, यहां तक कि उन्हें रिसीब करने के लिये अमेरिका का कोई बड़ा अधिकारी नहीं आया, अब पाक के अखबार ने खुलासा किया है कि सिफारिश लगवाकर इमरान खान राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से मिलने पहुंचे हैं, अखबार के मुताबिक व्हाइट हाउस इमरान खान को बिल्कुल भी पसंद नहीं करता है, लेकिन सऊदी अरब के प्रिंस की सिफारिश के बाद ट्रंप से मिलने का उन्हें समय मिला है।अखबार ने खोली इमरान की पोल
पाकिस्तानी अखबार ने दावा किया है कि ये सऊदी अरब के राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान की कोशिशों का नतीजा है कि इमरान खान की अमेरिकी यात्रा हो सकी,
अखबार ने लिखा है कि परदे के पीछे महीनों चली कवायद के बाद पीएम की अमेरिका यात्रा मुमकिन हो सका है, इसे अमेरिका-पाक के द्विपक्षीय रिश्तों और पाक में निवेश के लिये काफी अहम माना जा रहा है।
ट्रंप के दामाद से सिफारिश
पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि
सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर से अपने निजी संबंधों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद इमरान खान को मिलने का समय मिल सका, कुशनर डोनल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार हैं।
स्वागत के लिये पैसे देने को तैयार
पाक पीएम वाणिज्यिक कतर एयरवेज से वॉशिंगटन पहुंचे, जहां वो आम नागरिक की तरह एयरपोर्ट से बाहर निकले, उनके स्वागत के लिये कोई बड़ा अधिकारी नहीं पहुंचा था,
वो आम लोगों की तरह मेट्रो से सफर कर होटल में ठहरने के बजाय पाकिस्तानी राजदूत के आवास पर ठहरे, पाक सरकार दावा कर रही है कि उनके देश के आर्थिक हालत की वजह से इमरान खान फिजूलखर्ची से बच रहे हैं, जबकि परदे के पीछे कुछ और कहानी है, पाक सरकार अमेरिकी विदेश मंत्रालय को पैसे ऑफर किया था, 1 करोड़ 72 लाख रुपये देने की बात कही गई थी, ताकि इमरान का आदर-सत्कार अच्छे से हो, लेकिन अमेरिका ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया।


