सिलाई कर गुजारा करने को विवश है स्टार क्रिकेटर की मां-बाप, बेटा 10 साल से घर नहीं आया
श्रीलंका के गाले के रथगामा कस्बे में मलिंगा का पैतृक आवास है, एक मंजिला घर के बाहर ना तो कोई नेम प्लेट और दरवाजे पर ना तो कोई घंटी है।
श्रीलंका क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा आज बांग्लादेश के खिलाफ अपने करियर का आखिरी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगे, मौजूदा दौर के सबसे धाकड़ गेंदबाजों में उनकी गिनती होती है, लेकिन कम ही लोगों को पता है कि बल्लेबाजों के लिये खौफ बना ये धुरंधर गेंदबाज पिछले दस साल से अपने घर नहीं गया है, उनके माता-पिता वहां आज भी गरीबी में जीवन बिता रहे हैं।मां-बाप अकेले रहते हैं
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार श्रीलंका के गाले के रथगामा कस्बे में मलिंगा का पैतृक आवास है, एक मंजिला घर के बाहर ना तो कोई नेम प्लेट और दरवाजे पर ना तो कोई घंटी है,
ये बिल्कुल आम लोगों के घरों की तरह है, लकड़ी के चरमराये दरवाजे के खुलने पर भी तेज आवाज होती है, मलिंगा की मां स्वर्णा सिलाई कर गुजारा करती हैं, वो पॉलिस्टर के कपड़े सिलने का काम करती हैं, उन्होने बताया कि ये मेरे डेली का रुटीन है, इससे समय भी पासे हो जाता है और कुछ पैसे भी मिल जाते हैं।
मलिंगा की तस्वीर
घर के एक कोने में मलिंगा की तस्वीरों से सजा एक फोटो फ्रेम भी था, जिसमें स्टार क्रिकेटर प्रैक्टिस किट में नजर आ रहे हैं, लसिथ की मां स्वर्णा ने बताया कि मलिंगा किसी दौरे पर थे,
एक रात अचानक उन्हें बेटे की बहुत याद आई, उन्होने पूरे घर में उनकी तस्वीर ढूंढी, लेकिन उन्हें नहीं मिली, जिसके बाद उन्होने एक मैगजीन से इस तस्वीर को निकाली और फाड़कर वहां लगा दिया।
दस साल से घर नहीं आये मलिंगा
स्वर्णा ने बताया कि पिछले 4 महीने से उन्होने अपने बेटे मलिंगा को नहीं देखा है, अब तो उन्हें इसकी आदत पड़ चुकी है, क्योंकि पिछले दस साल से वो उस घर पर नहीं आये हैं,
अब शायद ज्यादा ही व्यस्त रहते हैं, या उन्हें कोलंबो की लाइफ पसंद आ गई है, उन्होने बताया कि वो बीच-बीच में कोलंबो जाती रहती हैं, उनका तीसरा बेटा भी वहीं रहता है, लेकिन उन्हें वहां भीड़भाड़ वाली जिंदगी पसंद नहीं आती, इसलिये वापस वहीं चली आती हैं।


