कश्मीर घाटी में हालात बिगड़ने वाले हैं, अधिकारी के लेटर से मचा हडकंप, पढिये पूरी खबर

आरपीएफ बडगाम सहायक सुरक्षा आयुक्त ने लिखा, कश्मीर घाटी में हालात बिगड़ने वाले हैं, ऐसे में कर्मचारी कम से कम अगले चार महीने के लिये राशन जमा कर लें।

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक अधिकारी की कर्मचारियों को लिखी चिट्ठी से विवाद खड़ा होता दिख रहा है, दरअसल अधिकारी ने इस चिट्ठी ने आने वाले दिनों में कश्मीर घाटी में तनाव और हिंसा की आशंका जाहिर करते हुए कर्मचारियों को आगाह किया है, दरअसल आरपीएफ बडगाम के सहायक सुरक्षा आयुक्त सुदेश नुग्याल ने चिट्ठी लिखकर कर्मचारियों से लंबे समय के लिये राशन जमा करने को कहा है, इस चिट्ठी के सामने आने के बाद विभाग में खलबली मच गई है, रेलवे ने भी इस चिट्ठी का कोई आधार नहीं है, साथ ही इसे जारी करने का संबंधित अधिकारी के पास कोई अधिकार नहीं है।

क्या है पूरा मामला 
आरपीएफ अधिकारी सुदेश नुग्याल की ये चिट्ठी शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया, जिसमें लिखा है कि
कश्मीर घाटी में लंबे समय तक स्थिति बिगड़ने की आशंका और कानून-व्यवस्था के संबंध में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और एसएसपी/जीआरपी/एसआईएनए से मिली जानकारी के अनुसार 27 जुलाई को एहतियात सुरक्षा बैठक हुई।

हालात बिगड़ने वाले हैं
आरपीएफ बडगाम सहायक सुरक्षा आयुक्त ने लिखा, कश्मीर घाटी में हालात बिगड़ने वाले हैं, ऐसे में कर्मचारी कम से कम अगले चार महीने के लिये राशन जमा कर लें,
अपने परिवार को घाटी से बाहर भेज दें। इसके बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, उन्होने लिखा, कि घाटी के लोगों पर ये तोहमत लगाना आसान है, कि वो डर फैला रहे हैं, लेकिन ऐसे अधिकारिक आदेश का क्या करें, जिसमें घाटी में कानून-व्यवस्था बिगड़ने के बिना पर तैयारियों की बात की जा रही है, इस तरीक की भविष्यवाणी की जा रही है।

रेलवे का स्पष्टीकरण 
सोशल मीडिया पर इस चिट्ठी के वायरल होने के बादे रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता ने सामने आकर स्पष्टीकरण जारी किया,
उन्होने कहा कि ये चिट्ठी वरिष्ठ संभागीय सुरक्षा आयुक्त से बस एक पद नीचे के अधिकारी द्वारा बिना किसी अधिकार के लिखा गया है, जबकि वो 26 जुलाई से एक साल के लिये स्टडी लिव पर गये हैं। प्रवक्ता ने ये भी कहा कि इस अधिकारी ने अपनी धारणा के आधार पर ये चिट्ठी लिखी और उसे जारी किया, इसका कोई आधार नहीं है।