सावन सोमवार- 125 साल बाद अद्भुत संयोग, जरुर करें इस मंत्र का जप, दूर हो जाएगी सारी बाधाएं
ज्योतिषी के अनुसार 125 साल बाद ऐसा अद्भुत संयोग बन रहा है कि सावन के पहले सोमवार के दिन नाग पंचमी का योग पड़ा है।
साल 2019 में पवित्र सावन का महीना पिछले सप्ताह 17 जुलाई से ही शुरु हो चुका है, आज सावन का पहला सोमवार है, इसके साथ ही पहले सोमवार के दिन नाग पंचमी का अदभुत संयोग भी बन रहा है, हिंदू मान्यताओं के मुताबिक सावन का पवित्र और उत्तम महीना माना जाता है, फिर उसमें भी सोमवार के दिन का खास महत्व है, और नाग पंचमी का योग होने की वजह से इसका महत्व और अधिक बढ गया है।125 सालों बाद संयोग
ज्योतिषी के अनुसार 125 साल बाद ऐसा अद्भुत संयोग बन रहा है कि सावन के पहले सोमवार के दिन नाग पंचमी का योग पड़ा है।
ज्योतिषी के अनुसार नाग देवता की पूजा करते समय नाग देवता के मंत्र का कम से कम 11 बार जप करें, ऐसा करने से जीवन में आ रही सारी बाधाएं दूर हो जाएगी।
क्या है मंत्र
ओम नवकुलाय विद्महे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्प प्रचोदयात
हिन्दू धर्म ग्रंथ और मान्यताओं के अनुसार पूजा करते समय इस मंत्र के 11 बार जप करने से सर्प दंश का भय दूर हो जाता है, इसके साथ ही धन- धान्य में भी वृद्धि होती है।
कालसर्प दोष खत्म होगा
मान्यताओं के मुताबिक अगर किसी शख्स की कुंडली में कालसर्प दोष है, तो उसे नागपंचमी के दिन भगवान शिव और नाग देवता की विशेष पूजा अराधना करनी चाहिये,
ऐसा करने से कालसर्प दोष खत्म हो जाता है। इसके साथ ही ऊपर दिये गये मंत्र का कम से कम 11 बार जप करें, जिससे आपके जीवन की परेशानियां दूर होगी।


