विराट कोहली के करियर पर ऐसा दाग, तो उनकी कप्तानी के लिये बनता जा रहा है खतरा
हाल ही में खबर आई थी कि टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ी विराट कोहली की कप्तानी से खुश नहीं हैं, विश्वकप में हार के बाद मीटिंग में कुछ खिलाड़ियों ने उन्हें कप्तानी से हटाये जाने की मांग की।
विराट कोहली, भारतीय क्रिकेट टीम के रन मशीन, दुनिया के नंबर वन बल्लेबाज, कप्तान के तौर पर मैच जीतने में सबसे आगे, लेकिन इसके बावजूद एक नाकाम कप्तान, विराट भले भारतीय क्रिकेट को अलग मुकाम पर पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में वो लगातार फेल हो रहे हैं, आईसीसी के टूर्नामेंट में विराट कोहली का रिकॉर्ड खराब होता जा रहा है, जो उनकी कप्तानी करियर पर दाग सरीखा दिख रहा है।आईसीसी टूर्नामेंट्स में विराट का खराब प्रदर्शन
विराट कोहली की कप्तानी पर सबसे बड़ा दाग है आईसीसी इवेंट्स के नॉकआउट मैचों में टीम का खराब प्रदर्शन, विराट की अगुवाई में टीम ने आईसीसी इवेंट्स के तीन नॉकआउट मैच खेली है,
जिसमें उन्हें सिर्फ एक में जीत मिली है और दो में हार का सामना करना पड़ा है, विराट के नेतृत्व में टीम ने 2017 में चैपियंस ट्रॉफी का सेमीफाइनल तो जीती, लेकिन फाइनल में पाक से उन्हें हार का सामना करना पड़ा, इस विश्वकप में टीम इंडिया ने लीग मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से मैच गंवा बैठे, विराट की कप्तानी में टीम ने अब तक कोई बड़ा टूर्नामेंट नहीं जीता है, ऐसे में उनकी कप्तानी पर सवाल उठने लाजिमी है।
दूसरे कप्तान से तुलना
अगर पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी से विराट कोहली की तुलना करें, तो उन्होने 16 मुकाबले में से 11 नॉकआउट मैत जीते थे, जबकि पांच मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा था,
सबसे ज्यादा नॉकआउट मुकाबलों में जीत हासिल करने का रिकॉर्ड पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के नाम दर्ज है। उन्होने 14 मैच जीते थे।
कप्तानी से हटाने के मांग
हाल ही में खबर आई थी कि टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ी विराट कोहली की कप्तानी से खुश नहीं हैं, विश्वकप में हार के बाद मीटिंग में कुछ खिलाड़ियों ने उन्हें कप्तानी से हटाये जाने की मांग की,
हालांकि इन खबरों की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है, बहरहाल विराट कोहली के पास अगले साल खुद को साबित करने का बड़ा मौका है, अगले साल ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्वकप खेला जाना है, अगर विराट की अगुवाई में टीम ये खिताब जीतती है, तो उनके कप्तानी करियर के लिये भी ये अच्छा होगा, नहीं तो बोर्ड और फैंस दूसरे कप्तान की ओर नजरें कर सकते हैं।


