कारगिल - एक निशाने की चूक, और जिंदा बच गये थे नवाज शरीफ तथा मुशर्रफ, जानिये पूरी कहानी
भारतीय वायुसेना ने कारगिल युद्ध में मिग 27 और 29 का इस्तेमाल करते हुए पाक के कब्जे वाली स्थानों पर बम गिराये थे।
आज देश कारगिल विजय दिवस मना रहा है, कागरिल में युद्ध करीब 2 महीने चला था, कहा जाता है कि पाक इस युद्ध की तैयारी 1998 से ही कर रहा था, हालांकि तमाम तैयारियों के बाद भी भारतीय सेना ने पाक सैनिकों के दांत खट्टे कर दिये और युद्ध अपने नाम किया, आइये खास मौके पर उनसे जुड़ी कुछ चीजें आपको बताते हैं।मिग-27 और 29 थे मुख्य फाइटर प्लेन
भारतीय वायुसेना ने कारगिल युद्ध में मिग 27 और 29 का इस्तेमाल करते हुए पाक के कब्जे वाली स्थानों पर बम गिराये थे, इस युद्ध में 2.50 लाख गोले और रॉकेट दागे गये थे,
तीन सौ से ज्यादा तोपों, रॉकेट लॉन्चरों और मोर्टार से रोजाना लगभग 500 धमाके किये जाते थे, पाक के पीएम ने कहा था कि इस युद्ध में उनके 27सौ से ज्यादा सैनिक माने गये थे, उन्हें 1965 और 1971 के युद्ध से भी ज्यादा नुकसान हुआ था।
527 भारतीय जवान शहीद
26 जुलाई 1999 के दिन भारतीय सेना ने कारगिल की चोटी पर तिरंगा लहरा दिया था, इसके साथ ही ऑपरेशन विजय सफल हुआ था,
भारत को घुसपैठियों के चंगुल के मुक्त कराने में भारतीय सेना ने 527 वीर योद्धाओं को खो दिया, जबकि 1300 से ज्यादा जवान घायल हो गये थे।
मुशर्रफ और शरीफ दोनों मारे जाते
एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार कारगिल युद्ध में मुशर्रफ और नवाज शरीफ की भी मौत हो सकती थी, दरअसल 24 जून 1999 को सुबह करीब 8.45 बडे जब लड़ाई चरम पर थी,
तो भारतीय वायुसेना के एक जगुआर ने एलओसी के ऊपर उड़ान भरी, जगुआर का इरादा लेजर गाइडेड सिस्टम से बमबारी करने के लिये टारगेटे को चिन्हित करना था, उसके पीछे आ रहे दूसरे जगुआर को बमबारी करनी थी, लेकिन दूसरा जगुआर निशाना चूक गया, रिपोर्ट के अनुसार अगर दूसरे जगुआर का निशाना ठीक लगता, तो पाक के तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ और पीएम नवाज शरीफ भी मारे जाते ।
दस्तावेजो में दर्ज
भारत सरकार के दस्तावेजों में भी इस बाते की पुष्टि की गई है, कि 24 जून को जगुआर ने प्वाइंट 4388 पर निशाना साधा था,
जिसमें पायलट ने एलओसी के पार गुलेटरी को लेजर बॉस्केट में चिन्हित किया था, लेकिन बम गिराने से चूक गये, हमले के समय तत्कालीन पाक पीएम नवाज शरीफ और जनरल परवेज मुशर्रफ उसी ठिकाने पर मौजूद थे।



