धोनी को संन्यास के लिये मजबूर किया जा रहा, अब चयनकर्ताओं ने लिया बड़ा फैसला
इस बार विश्वकप में धोनी की बल्लेबाजी को लेकर काफी बहस छिड़ी रही, धोनी ने कुछ मुकाबलों में धीमी बल्लेबाजी की।
आईसीसी विश्वकप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों मिली हार के बाद टीम में खलबली मची हुई है, हार के बाद से पूर्व कप्तान धोनी के संन्यास लेने की अटकलें बदस्तूर जारी है, भले महेन्द्र सिंह धोनी अभी रिटायरमेंट के बारे में ना सोच रहे हों, लेकिन इस बात के पूरे संकेत मिलने शुरु हो गये हैं, कि अब धोनी का क्रिकेट करियर करीब-करीब खत्म हो चुका है।धीमी बल्लेबाजी को लेकर बहस
इस बार विश्वकप में धोनी की बल्लेबाजी को लेकर काफी बहस छिड़ी रही, धोनी ने कुछ मुकाबलों में धीमी बल्लेबाजी की, जिसकी वजह से वो आलोचकों के निशाने पर आ गये,
अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी धीमी बल्लेबाजी को लेकर तरह-तरह की बातें हुई।
चयनकर्ता बात करेंगे
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों का दावा है कि पूरे विश्वकप में धोनी की धीमी बल्लेबाजी को देखते हुए मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद जल्द ही इस मामले में उनसे बात करेंगे,
हालांकि इशारों में संकेत दे दिये गये हैं कि अब धोनी को टीम से बाहर करने का समय आ गया है।
युवा इंतजार कर रहे हैं
रिपोर्ट में बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बोर्ड अधिकारी इस बात से हैरान हैं, कि महेन्द्र सिंह धोनी ने अब तक खुद क्यों कोई फैसला नहीं लिया है,
ऋषभ पंत जैसे युवा क्रिकेटर उनकी जगह लेने का इंतजार कर रहे हैं, विश्वकप में भी धोनी आक्रामक बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे थे, नंबर 6 या 7 पर उतरने के बावजूद वो रन को आगे बढाने के लिये लगातार संघर्ष कर रहे थे, जो टीम के लिये नुकसानदेह साबित हो रहा था।
टीम से बाहर किया जा सकता है
सूत्रों का कहना है कि धोनी की धीमी बल्लेबाजी को देखते हुए उन्हें वेस्टइंडीज दौरे से बाहर किया गया है, उन्होने कहा कि मुझे नहीं लगता कि
2020 टी-20 विश्वकप तक चयनकर्ता उन पर भरोसा करते रहेंगे, ऐसे में उनके लिये यही सही होगा, कि अब खुद धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दे।



