धोनी के संन्यास पर हो रही थी बहस, अपने समय के चयनकर्ता पर भड़क उठे सहवाग, कही ऐसी बात
एक निजी न्यूज चैनल पर धोनी के रिटायरमेंट को लेकर हो रही बहस के दौरान वीरेन्द्र सहवाग अपने समय के मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल पर बरस पड़े।
आईसीसी विश्वकप में सेमीफाइनल में हारकर टीम इंडिया बाहर हुई, पहले कहा जा रहा है कि अगर भारतीय टीम खिताब जीतने में सफल रहती है, तो धोनी अपने संन्यास की घोषणा कर सकते हैं, ये उनका आखिरी विश्वकप है, लेकिन टीम फाइनल तक पहुंच ही नहीं सकी, और ना ही धोनी ने रिटायरमेंट की घोषणा की, अब टीम इंडिया का 3 अगस्त से वेस्टइंडीज दौरा शुरु हो रहा है, इसके लिये 19 जुलाई को टीम की घोषणा की जाएगी, लेकिन कहा जा रहा है कि बीसीसीआई धोनी को जबरदस्ती संन्यास दिलाने के मूड में है, हालांकि माही के फैंस चाहते हैं कि वो अभी क्रिकेट खेलें।बरस पड़े सहवाग
एक निजी न्यूज चैनल पर धोनी के रिटायरमेंट को लेकर हो रही बहस के दौरान वीरेन्द्र सहवाग अपने समय के मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल पर बरस पड़े, वीरु ने उदाहरण देते हुए कहा कि
उनके रिटायरमेंट को लेकर किसी ने उनसे बात नहीं की, कि उनका प्लान क्या है, वीरु ने कहा कि धोनी खुद फैसला करें, कि ये उनकी आखिरी सीरीज है, इस सीरीज को खेलकर वो रिटायरमेंट ले लेंगे, चयनकर्ताओं का फैसला ये है कि वो धोनी को बताएं, कि हम आपको विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर नहीं देख रहे, आप हमें अपना प्लान बताओ, काश मुझसे भी ऐसा पूछा गया होता, कि मैं क्या चाहता हूं, तो मैं भी उन्हें बता देता, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
बात करने को कहा था
वीरेन्द्र सहवाग के ऐसा कहने के बाद संदीप पाटिल ने मामले में सफाई देते हुए कहा कि उन्होने अपने साथी चयनकर्ता विक्रम राठौड़ से वीरु से बात करने को कहा था,
इस पर सहवाग ने कहा कि राठौड़ ने मुझसे तब बात की, जब मुझे टीम से ड्रॉप कर दिया गया, ड्रॉप कर देने के बाद इस बात के कोई मायने नहीं होते, अगर धोनी को ड्रॉप कर दे, फिर एमएसके प्रसाद उनसे पूछें कि आपके प्लान क्या है, तो माही क्या कहेंगे, कि मैं फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलूंगा, रन बनाऊंगा, तो प्लीज हमें टीम में ले लीजिएगा।
आगे देखना चाहिये
महेन्द्र सिंह धोनी को लेकर सचिन तेंदुलकर से लेकर कपिल देव और सहवाग जैसे दिग्गज लगातार कमेंट कर रहे हैं, इन दिग्गजों का मानना है कि
धोनी को अब संन्यास लेकर भविष्य की ओर देखना चाहिये, धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने 2007 में टी-20 विश्वकप, 2011 में आईसीसी विश्वकप और 2013 में चैपिंयंस ट्रॉफी जीतने में सफल रही।


