बिहार बीजेपी के नये अध्यक्ष को लेकर कवायद तेज, इन नामों पर खास चर्चा

बिहार के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय को मोदी सरकार में गृह राज्यमंत्री का पद मिला है, जिसके बाद से ही नये अध्यक्ष के नाम की चर्चा तेज है।

बिहार बीजेपी में नये अध्यक्ष को लेकर कवायद फिर से तेज हो गई है, अगले साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिये नये कप्तान को लेकर तमाम समीकरणों को भी ध्यान में रखा जा रहा है, वैसे तो चर्चा में कई नाम हैं, लेकिन इनमें चार-पांच नाम रेस में सबसे आगे चल रहे हैं, हालांकि केन्द्रीय नेतृत्व कोई चौंकाने वाला नाम भी तय कर सकता है।

मंत्री बन गये नित्यानंद राय
आपको बता दें कि बिहार के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय को मोदी सरकार में गृह राज्यमंत्री का पद मिला है, जिसके बाद से ही नये अध्यक्ष के नाम की चर्चा तेज है,
जो खुद को इस रेस में शामिल मान रहे हैं, वो ताबड़तोड़ दिल्ली दरबार का चक्कर लगा रहे हैं, साथ ही अपने नेताओं के साथ लॉबिंग करने में भी जुटे हुए हैं।

अगड़ा या पिछड़ा 
दावा  किया जा रहा है कि जल्द ही नये प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया जाएगा, रिपोर्ट के अनुसार इस बार कई नामों पर चर्चा हो रही है,
हालांकि अगला अध्यक्ष अगड़ा समाज से होगा या पिछड़ा समाज से इस बात को लेकर तरह-तरह के तर्क दिये जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक चूंकि पिछड़े समाज से बिहार बीजेपी में कई नेता आगे हैं, इसलिये किसी सवर्ण को अध्यक्ष की कुर्सी मिलेगी।

इस नामों पर चर्चा 
जिन नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उनमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता और संघ के बैकग्राउंड वाले राजेन्द्र सिंह भी हैं, इनके अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक मिथलेश तिवारी को भी रेस में माना जा रहा है,
वहीं मंगल पांडे को झारखंड चुनाव प्रभारी नहीं बनाये जाने को लेकर चर्चा है कि कहीं उन्हें ही दोबारा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी ना दे दी जाए, अगर पिछड़े वर्ग से बात करें, तो बेतिया सांसद संजय जायसवाल, संजीव चौरसिया और राजेन्द्र गुप्ता का नाम भी रेस में शामिल है।