पिता ने करगिल युद्ध में पाकिस्तान को सिखाया था सबक, बेटा है 'अगला धोनी'
ध्रुव जुरेल अभी सिर्फ 18 साल के हैं, वो धोनी की तरह ही विकेटकीपर बल्लेबाज हैं, वो भी माही की तरह मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हैं और मुश्किल हालात से निकालकर मैच फिनिश करना उन्हें बखूबी आता है।
एक फौजी जिसने करगिल युद्ध में भारत के लिये अपनी जान की बाजी लगा दी, उस फौजी के हौसले के आगे पाकिस्तान ने भी घुटने टेक दिये थे, अब उसी का बेटा भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा बन रहा है, जी हां, हम बात कर रहे हैं ध्रुव जुरेल की, जो अंडर-19 यूथ एशिया कप में टीम इंडिया की कप्तानी करने वाले हैं, ध्रुव को अगले महीने अंडर-19 एशिया कप में टीम इंडिया की कप्तानी करनी है, ध्रुव के पिता नेम सिंह जुरेन 1999 करगिल युद्ध में लड़ चुके हैं।धोनी की तरह विकेटकीपर-बल्लेबाज
ध्रुव जुरेल अभी सिर्फ 18 साल के हैं, वो धोनी की तरह ही विकेटकीपर बल्लेबाज हैं, वो भी माही की तरह मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हैं और मुश्किल हालात से निकालकर मैच फिनिश करना उन्हें बखूबी आता है,
धोनी जैसे गुण
मूल रुप से आगरा के रहने वाले ध्रुव जुरेल को उनकी विकेटकीपिंग के लिये भी जाना जाता है, वो विकेट के पीछे काफी फुर्तीले गैं, साथ ही बल्ले से भी उनका प्रदर्शन कई क्रिकेट दिग्गजों का ध्यान खींच रहा है,
उनकी छवि मुश्किल हालात मैं धैर्य के साथ बल्लेबाजी करने वाले बल्लेबाज की है।
पिता चाहते थे फौजी बनाना
मालूम हो कि ध्रुव के पिता नेम सिंह जुरेल उन्हें फौजी बनाना चाहते थे, वो चाहते थे कि बेटा स्कूल की पढाई खत्म करने के बाद नेशनल डिफेंस एकेडमी ज्वाइन करे,
लेकिन ध्रुव ने क्रिकेट को चुना, हालांकि उनके पिता बेटे के फैसले से निराश नहीं हैं, उन्होने कहा कि मैंने फौज में रहकर देश की सेवा की, बेटा क्रिकेट खेलकर देश का मान बढाएगा, इंडियन एक्सप्रेस से उन्होने कहा कि देश के लिये योगदान देना ही सबकुछ है, मैंने करगिल युद्ध में आर्मी की सेवा की, बेटा क्रिकेटर के तौर पर देश सेवा कर रहा है, फिल्ड भले अलग हो, लेकिन उद्देश्य एक ही है।


