प्रवर्तन निदेशालय ने सीएम कमलनाथ के भांजे पर चलाया चाबुक, इतने करोड़ घोटाले के आरोप में गिरफ्तार

रतुल पुरी 3600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टार घोटाला मामले में भी जांच के दायरे में हैं, लेकिन अब प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें बैंक घोटाला के मामले में गिरफ्तार कर लिया है।

एमपी के सीएम कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर थे, अब जांच एजेंसी ने उन्हें 354 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया है, मंगलवार सुबह एजेंसी ने उन्हें अपनी गिरफ्त में लेकर पूछताछ शुरु कर दी है, आपको बता दें कि रतुल पुरी मोजरबेयर के पूर्व कार्यकारी निदेशक हैं, प्रवर्तन निदेशालय ने पुरी और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

बैंक घोटाले का आरोप
मालूम हो कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने रतुल पुरी के खिलाफ 354 करोड़ रुपये घोटाले का मुकदमा दर्ज करवाया था, जिसके बाद गैर जमानती वारंट के खिलाफ पुरी दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे थे,
कोर्ट ने 20 अगस्त तक गिरफ्तारी से उन्हें अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था।

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में भी नाम
रतुल पुरी 3600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टार घोटाला मामले में भी जांच के दायरे में हैं, लेकिन अब प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें बैंक घोटाला के मामले में गिरफ्तार कर लिया है,
आपको बता दें कि इससे पहले ईडी ने कोर्ट में ये बात कही थी कि रतुल पुरी अगस्ता वेस्टलैंड मामले में जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, हालांकि इसके बावजूद कोर्ट ने उनका गैर जमानती वारंट रद्द कर दिया था।

जांच में कर रहे सहयोग
जांच एजेंसी रतुल पुरी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि उन्होने कई बार पुरी को बुलाया, लेकिन वो उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद रतुल के वकील ने दावा किया,
कि वो जांच में पूरी तरह से सहयोग करना चाहते हैं, लेकिन जांच एजेंसी ही उनके प्रति निष्पक्ष नहीं है। वकील ने बताया कि वो ईडी की जांच में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन ईडी ने सुबह उन्हें ईमेल कर दोपहर 1 बजे बुलाया, जो ठीक नहीं है, कोई भी व्यक्ति इतने कम समय के नोटिस में जांच में कैसे शामिल हो सकता है, फिलहाल कोर्ट ने पुरी की याचिका पर अपना आदेश 21 अगस्त तक के लिये सुरक्षित रख लिया था, लेकिन जांच एजेंसी ने उन्हें दूसरे केस में गिरफ्तार कर लिया।