कश्मीर- एक-एक कर धाराशायी होता जा रहा पाक की दलीलें, इस बार चीन बना मात की वजह

सूत्रों के अनुसार सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों में ज्यादातर देशों ने कहा कि इस चर्चा के बाद  कोई बयान या फिर नतीजा जारी नहीं किया जाना चाहिये।

कश्मीर मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक दुर्लभ और बंद कमरे में बैठक बेनतीजा या बगैर किसी बयान के  समाप्च हो जाने के बाद इस विषय को ग्लोबल बनाने की कोशिश में जुटे पाक और उसके मित्र देश चीन को बड़ा झटका लगका है,  ग्लोबल संस्था की 15 सदस्यीय देशों में से ज्यादातर ने इस बात पर जोर दिया, कि कश्मीर भारत -पाक के बीच द्विपक्षीय मामला है। इसे द्विपक्षीय ही रहना दिया जाए।

एक घंटे चली बैठक
चीन की विशेष गुजारिश के बाद बुलाई गई अनौपचारिक बैठक करीब घंटे भर चली, इसके बाद यूएनएससी में चीन के राजदूत झांग जून और पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोदी ने एक-एक बयान दिया,
हालांकि उन्होने मीडिया के किसी भी सवाल का जबाव नहीं दिया।

बेनतीजा बैठक
इस बैठक में हुई चर्चा के बारे में सूत्रों ने बताया कि चीन इस मामले में किसी नतीजे के लिये पोलैंड पर दबाव बना रहा था, वो बार-बार जोर दे रहा था कि इस पर विज्ञप्ति जारी किया जाए,
ब्रिटेन ने भी प्रेस विज्ञप्ति की मांग पर चीन का साथ दिया, लेकिन पोलैंड ने कोई बयान जारी नहीं किया, मालूम हो कि पोलैंड अगस्त महीने के लिये सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है।

बैठक के बाद बयान
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों में ज्यादातर देशों ने कहा कि इस चर्चा के बाद  कोई बयान या फिर नतीजा जारी नहीं किया जाना चाहिये, आखिरकार उनकी की बात सुनी गई,
बैठक के बाद चीन के राजदूत ने बयान दिया, वो भी बतौर एक देश, फिर पाकिस्तान ने भी बयान जारी किया ।