जिसका गाना गाकर स्टार बन गई रानू मंडल, गुमनामी में काट रहे जिंदगी, सुध लेने वाला कोई नहीं

संतोष आनंद ने मैं ना भूलूंगा, तेरा साथ है तो, मेघा रे मेघा, एक प्यार का नगमा है, मुहब्बत है क्या चीज, जिंदगी की ना टूटे लड़ी जैसे यादगार गाने लिखे।

रानू मंडल रातों-रात स्टार बन गई है, लेकिन जो गाना गाकर वो सोशल मीडिया पर छा गई, उस गाने के गीतकार की खबर किसी को नहीं है, उनकी ओर ध्यान आकर्षित करने के लिये गीतकार मनोज मुंतसिर ने एक ट्वीट किया है, उन्होने ट्विटर पर लिखा, मैं बेहद खुश हूं कि रानू मंडल संतोष आनंद जी का लिखा हुआ गाना गाकर रातों-रात सोशल मीडिया स्टार बन गई, लेकिन क्या कोई चैनल, कोई म्यूजिक डायरेक्टर, कोई सैंटा क्लॉज कोई रॉबिन हुड संतोष आनंद जी की भी खबर लेगा, देखते हैं।

टोनी कक्कड़ ने क्या लिखा 
मनोज मुंतसिर के इस ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए टोनी कक्कड़ ने लिखा, सच कहा मनोज जी, उन्होने कई मास्टरपीस लिखा, वो बहुत कुछ डिजर्व करते हैं,
मालूम हो कि संतोष आनंद पिछले काफी समय से गुमनामी में जी रहे हैं, भास्कर में छपी रिपोर्ट के अनुसार उन्हें रोजमर्रा का खर्च  भी छोटे-मोटे कवि सम्मेलन के जरिये निकाल रहे हैं।

संतोष आनंद ने क्या कहा 
संतोष आनंद ने भास्कर से बातचीत करते हुए कहा कि रोजाना उनके पास कई फोन आ रहे हैं, लोग उनसे कह रहे हैं कि
आपका गीत गाकर भीख मांगने वाली महिला को हिमेश रेशमिया ने फिल्म में काम करने का मौका दिया, मेरे पास तो स्मार्ट फोन भी नहीं है, जो मैं रानू मंडल का वो गाना सुन पाऊं, मैं तो अब सिर्फ जी रहा हूं, बेटे की मौत के बाद जिंदगी के सारे रंग चले गये।

कई यादगार गाने लिखे 
आपको बता दें कि संतोष आनंद ने मैं ना भूलूंगा, तेरा साथ है तो, मेघा रे मेघा, एक प्यार का नगमा है, मुहब्बत है क्या चीज, जिंदगी की ना टूटे लड़ी जैसे यादगार गाने लिखे,
रिपोर्ट के अनुसार संतोष आनंद 26 फिल्मों में करीब 109 गाने लिखे, लेकिन इन दिनों गुमनामी की जिंदगी जीने को विवश हैं, उन्हें रोजमर्रा के खर्चे के लिये भी छोटे-मोटे कवि सम्मेलन का सहारा लेना पड़ रहा है।