नजरबंदी के दौरान ही एक-दूसरे से भिड़े महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला, फौजियों के सामने लगाये ऐसे आरोप
उमर अब्दुल्ला ने पहले पीडीपी प्रमुख को बीजेपी से गठबंधन पर ताना मारा जिसके बाद महबूबा ने भी उन्हें याद दिलाया, कि फारुख अब्दुल्ला का गठबंधन बीजेपी के साथ था।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के एक सप्ताह बाद चीजें धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, हालांकि कुछ लोग अभी भी सामान्य नहीं हो पा रहे हैं, दरअसल 370 हटाये जाने के बाद एक साथ हिरासत में रखे गये जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व सीएम आपस में ही भिड़ गये, दोनों एक-दूसरे पर तरह-तरह के आरोप लगाने लगे, दोनों का झगड़ा इतना बढ गया कि महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को अलग-अलग करना पड़ा।दोनों लड पड़े
दरअसल ऑर्टिकल 370 लागू होने के बाद महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को राज्य में शांति व्यवस्था भंग होने के डर से हरि निवास महल में रखा गया, जहां महबूबा और उमर लड़ पड़े,
दोनों एक-दूसरे पर बीजेपी को राज्य में बढावा देने का आरोप लगाते रहे, अधिकारियों के सामने ही दोनों एक-दूसरे पर चिल्लाते रहे, जिसके बाद दोनों को अलग किया गया।
वाजपेयी सरकार में मंत्री
उमर अब्दुल्ला ने पहले पीडीपी प्रमुख को बीजेपी से गठबंधन पर ताना मारा जिसके बाद महबूबा ने भी उन्हें याद दिलाया, कि फारुख अब्दुल्ला का गठबंधन बीजेपी के साथ था,
आप तो वाजपेयी सरकार में विदेश मामलों के जूनियर मंत्री भी थे, साथ ही महबूबा ने उनके दादा शेख अब्दुल्ला को भी 1947 में जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के लिये जिम्मेदार बताया।
अलग किया गया
अधिकारियों ने कहा कि दोनों के बीच विवाद इतना बढ गया कि दोनों को अलग स्थान पर रखने का फैसला लिया गया, उमर अब्दुल्ला को पहाड़ी के पास चश्मागाही में वन विभाग भवन भेजा गया,
जबकि महबूबा मुफ्ती अभी भी हरि निवास में ही है, आपको बता दें कि हरि निवास उग्रवादियों से पूछताछ की जाने वाली जगह के रुप में पहचाना जाता है।


