राजद ने फेंका जाल, नीतीश कुमार को खुला ऑफर, फिर पलटी मार सकते हैं सुशासन बाबू

राजद विधायक दल के नेता तेजस्वी यादव की राजनीति से कथित नाराजगी और पार्टी के साथ-साथ विपक्ष के नेतृत्व करने को लेकर उनकी कमी की वजह से राजद ऐसी संभावनाओं पर विचार कर रहा है।

आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने नीतीश को लेकर चाल चल दी है, दरअसल उन्होने कहा कि सीएम नीतीश कुमार को बीजेपी का साथ छोड़ सभी विपक्षी दलों का नेतृत्व करना चाहिये, उनकी स्वीकार्यता सभी समाजवादी दलों में है, जेल में बंद राजद सुप्रीमो लालू यादव से हाल ही में मुलाकात करने वाले शिवानंद तिनारी ने कहा कि जदयू ने बीजेपी के साथ गठबंधन कर ऐतिहासिक गलती की है।

विश्वसनीय विपक्ष नहीं 
राजद उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि चूंकि इन दिनों केन्द्र में कोई विश्वसनीय विपक्ष नहीं है, इसलिये नीतीश कुमार को राष्ट्रीय राजनीति में आना चाहिये,
उन्हें तमाम विपक्षी दलों को एकजुट करना चाहिये, क्योंकि उन्होने अभी तक अपनी छवि धर्म निरपेक्ष बनाये रखी है, साथ ही उनकी स्वीकार्यता भी तमाम समाजवादी राजनीतिक पार्टियों में हैं, नीतीश में मोदी को टक्कर देने की क्षमता है।

प्रधानमंत्री बनने की क्षमता 
शिवानंद तिवारी ने कहा कि मैं करीब 35 सालों से नीतीश की राजनीति को देख रहा हूं, मैं ये दावा कर सकता हूं कि उनके पास देश के प्रधानमंत्री बनने की राजनीतिक हिम्मत और क्षमता है,
उन्हें एनडीए के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिये, राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष का चेहरा बनना चाहिये। शिवानंद तिवारी के अलावा पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की पार्टी हम ने भी नीतीश को एनडीए से बाहर निकलने और वैकल्पिक मंच तैयार करने की सलाह दी है, मांझी ने कहा कि ये खास वक्त है, जब सभी समान विचारधारा वाले नेता आगे आएं और वर्तमान स्थिति में एक बेहतर विकल्प दें।

जदयू प्रमुख को खुला निमंत्रण 
2020 बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर राजद की ओर से जदयू प्रमुख को खुला निमंत्रण माना जा रहा है, कहा जा रहा है कि बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार पलटी मार सकते हैं,
नीतीश ने 2015 विधानसभा चुनाव में राजद और कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ा था, हालांकि बाद में महागठबंधन से निकल कर एनडीए में आ गये।

तेजस्वी की कम सक्रियता भी है एक वजह
राजद विधायक दल के नेता तेजस्वी यादव की राजनीति से कथित नाराजगी और पार्टी के साथ-साथ विपक्ष के नेतृत्व करने को लेकर उनकी कमी की वजह से राजद ऐसी संभावनाओं पर विचार कर रहा है,
तेजस्वी ने लोकसभा चुनाव के बाद से ही ज्यादा सक्रिय दिख नहीं रहे हैं, कहा जा रहा है कि तेजस्वी ने लालू यादव समेत अपने परिवार के सभी सदस्यों को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है, उनका कहना है कि अगर वो पार्टी का नेतृत्व करते हैं, तो उनकी बड़ी बहन मीसा भारती और बड़े भाई तेज प्रताप के दखल को स्वीकार नहीं करेंगे।