मिशन कश्मीर को सफल बनाने में अजित डोभाल के इन तीन महारथियों ने निभाई बड़ी भूमिका, एक ने वीरप्पन को किया था ढेर
आइये डोभाल की टीम के तीन कद्दावर शख्सियतों के बारे में आपको बताते हैं।
जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाला ऑर्टिकल 370 अब इतिहास बन चुका है, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने असंभव से दिखने वाले इस फैसले से पहले जबरदस्त तैयारी की थी, इसे सफल बनाने के लिये सेना, वायुसेना, आईबी, रॉ, अर्द्धसैनिक बलों और राज्य की नौकरशाही के साथ सामंजस्य बनाया गया, जिसके बाद मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया,मिशन कश्मीर को सफल बनाने के लिये अमित शाह डोभाल के साथ दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, पीएम मोदी और शाह के इस मिशन का एक ही लक्ष्य है, कश्मीर में स्थायी तौर पर शांति की बहाली, इस मिशन में डोभाल को नौकरशाहों और सुरक्षा विशेषज्ञों की एक टीम लगातार सहायता प्रदान कर रही है, आइये डोभाल की टीम के तीन कद्दावर शख्सियतों के बारे में आपको बताते हैं।
बीवीआर सुब्रमण्यम
बीवीआर सुब्रमण्यम जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव हैं, मोदी सरकार ने उन्हें जम्मू-कश्मीर में जब से उन्हें ये जिम्मेदारी सौपी है, तब से लगातार काम जारी है,
सुब्रमण्यम को प्रदेश और पीएमओ के बीच समन्वय का जिम्मा मिला है, वो इस समय प्रदेश में खाद्य आपूर्ति का काम भी देख रहे हैं, ताकि आम कश्मीरियों को किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।
के विजय कुमार
आपको बता दें कि ये वही विजय कुमार हैं, जिन्होने कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन के खिलाफ बेहद ही कामयाब ऑपरेशन को अंजाम दिया था,
विजय कुमार को राज्यपाल शासन के अंतर्गत सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी मिली हुई है, विजय कुमार के पास सुरक्षा बलों और प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के बीच तालमेल बिठाने की भी जिम्मेदारी है, वो जम्मू-कश्मीर के विभिन्न नेताओं से बातचीत भी कर रहे हैं, उन्होने ही प्रदेश की जेलों में बंद पत्थरबाज और आतंकियों को कश्मीर से दूर भेजने के काम को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
डीजीपी दिलबाग सिंह
दिलबाग सिंह जम्मू-कश्मीर पुलिस विभाग के प्रमुख के पद पर हैं, उनकी जिम्मेदारी पुलिस बल को पूरी मजबूती के साथ नेतृत्व देना है, पुलिसकर्मियों के जज्बे और जोश को बनाये रखना है,
दिलबाग सिंह प्रदेश के कई संदिग्ध पुलिस अधिकारियों को पहचानने और उनके मंसूबों को नाकाम करने में अहम किरदार निभा चुके हैं, उन्होने सेना और अर्धसैनिक बलों के सकाथ पुलिस के तालमेल को बनाये रखा है, ताकि हर स्तर पर इंटेलिजेंस इनपुट को शेयर करने में आसानी हो, और प्रदेश की सुरक्षा को मजबूती मिले।



