सावरकर पर मचे सियासी घमासान में कूदी लता मंगेशकर, कहा स्वाभिमानी और देशभक्त
सावरकर की जयंती के मौके पर लता दीदी ने ट्वीट किया था, जो लोग सावरकर जी के विरोध में बोल रहे हैं, वो नहीं जानते, कि सावरकर जी कितने बड़े देशभक्त और स्वाभिमानी थे।
भारत रत्न और स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने गुरुवार को ट्विटर पर लिखा, कि वीर सावरकर से उनके घनिष्ठ रिश्ते थे, लता दीदी ने ये ट्वीट ऐसे समय में किया है, जब देश में सावरकर को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है, हालांकि लता ने ये ट्वीट विरोधियों को नसीहत देने के तौर पर किया है।पारिवारिक संबंध
लता दीदी ने ट्विटर पर लिखा, वीर सावरकर जी और हमारे परिवार के बहुत घनिष्ठ संबंध थे, मेरे पिता जी की नाटक कंपनी के लिये नाटक संन्यस्त खड्ग भी लिखा था,
लता दीदी ने बताया कि इस नाटक का पहला इस्तेमाल 18 सितंबर 1931 को हुआई था, ट्वीट के साथ ही लता मंगेशकर ने नाटक का एक गीत भी पोस्ट किया है।
विरोध करने वालों को बताया नादान
स्वर कोकिला लता मंगेशकर इससे पहले भी वीर सावकर का विरोध करने वालों को नादान बता चुकी हैं, 28 मई को सावरकर की जयंती के मौके पर लता दीदी ने ट्वीट किया था,
जो लोग सावरकर जी के विरोध में बोल रहे हैं, वो नहीं जानते, कि सावरकर जी कितने बड़े देशभक्त और स्वाभिमानी थे।
पोते ने की थी शिकायत
मालूम हो कि मुंबई की एक कोर्ट ने वीर सावरकर को कथित तौर पर राष्ट्रद्रोही कहने पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और उनकी पार्टी के खिलाफ मानहानि की शिकायत के जांच के आदेश दिये हैं,
वीर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने इस संबंध में भोइवाड़ा कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है। हाल ही में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर वीर सावरकर देश के प्रधानमंत्री बनते, तो पाकिस्तान का कभी जन्म ही नहीं होता। ठाकरे ने वीर सावरकर के लिये मरणोपरांत भारत रत्न की अपनी मांग को दोहराया।


