भगवान राम पर कुमार विश्वास का बड़ा बयान, विरोधियों को धो डाला, कोर्ट ने मांगा था सबूत

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपने रजिस्ट्रार से कहा, कि वो उसे सूचित करें, कि क्या अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मुकदमे की सुनवाई का सीधा प्रसारण संभव है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम मंदिर के सबूत मांगने पर चर्चित कवि कुमार विश्वास ने अपनी चुप्पी तोड़ी है, दरअसल बागपत में कुमार विश्वास ने कहा कि जब राम नहीं हैं, तो फिर रामनवमी की छुट्टी क्यों की जाती है, सुप्रीम कोर्ट तय करेगा, कि राम हैं या नहीं, कोर्ट पूछता है कि राम हैं या नहीं,
कवि सम्मेलन के दौरान कवि कुमार विश्वास के बयान का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सुनवाई का सीधा प्रसारण
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपने रजिस्ट्रार से कहा, कि वो उसे सूचित करें, कि क्या अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मुकदमे की सुनवाई का सीधा प्रसारण संभव है,
सीजेआई रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने रजिस्ट्रार से ये भी जानना चाहा, कि अगर ऐसा संभव है, तो ऐसा करने के लिये कितना समय चाहिये, पीठ ने अपने आदेश में कहा, रजिस्ट्रार ये बताये कि क्या सीधा प्रसारण हो सकता है, और ऐसा करने के लिये कितना समय लगेगा।

याचिकाकर्ता हर सुनवाई में नहीं आ सकते
आरएसएस के पूर्व विचारक एन गोविंदाचार्य की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ताओं का शीर्ष अदालत पर पूरा भरोसा है,

लेकिन इस प्रकरण के अधिकांश याचिकाकर्ता हर दिन सुनवाई के लिये नहीं आ सकते, चूंकि वो कार्यवाही में मौजूद नहीं रह सकते, इसलिये इसका सीधा प्रसारण उन्हें सुनवाई के विवरण देने में मददगार होगा।

ऑडियो रिकॉर्डिंग कराई जानी चाहिये
पीठ द्वारा आदेश पारित किये जाने के बाद एडवोकेट विकास सिंह ने कोर्ट से जानना चाहा, कि ये जानकारी रजिस्ट्रार को कब तक देनी है, इस पर कोर्ट ने कहा कि
ये रजिस्ट्रार पर निर्भर करता है, गोविंदाचार्य ने अपनी याचिका में कहा है, कि अगर अयोध्या प्रकरण की सुनवाई का सीधा प्रसारण संभव नहीं हो, तो सुनवाई की ऑडियो रिकॉर्डिंग करायी जानी चाहिये।