टीम इंडिया का ये धुरंधर बल्लेबाज इंग्लैंड में खेलेंगे, कहा टीम में आने की नहीं सोच रहा
मुरली विजय ने टीम इंडिया के लिये अपना आखिरी मैच दिसंबर 2018 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, उसके बाद से उन्हें टीम इंडिया में मौका नहीं दिया गया है।
टीम इंडिया से बाहर चल रहे सलामी बल्लेबाज मुरली विजय ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिये वो किसी दबाव में नहीं हैं, वो जिस भी टीम के साथ खेल रहे हैं, उसके लिये परफॉर्म करना चाहते हैं, उन्होने इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट में समरसेट की ओर से खेलने के लिये रवाना होने से पहले ये बयान दिया है, मुरली विजय ने टीम इंडिया के लिये अपना आखिरी मैच दिसंबर 2018 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, उसके बाद से उन्हें टीम इंडिया में मौका नहीं दिया गया है।पिछले साल बुरी तरह नाकाम रहे
पिछला साल मुरली विजय के लिये अच्छा नहीं रहा, वो इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नाकाम रहे, जिसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया,
इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 4 टेस्ट मैच में 20 रन उनका सर्वोच्च स्कोर था, इस दौरान उनका औसत भी सिर्फ 18.80 का था।
4 बार वापसी की है, कोई दबाव नहीं
मुरली विजय ने कहा कि मैं अपने सपनों को कोई सीमायें नहीं देता हूं, मैं भारतीय टीम में जगह बनाने के लिये किसी दबाव में नहीं हूं, मैंने टीम इंडिया में चार बार वापसी की है,
मैं इस समय जिस स्थान पर हूं, उसका लुत्फ उठा रहा हूं, मैं अपनी तैयारियों के प्रति ईमानदार हूं,क ये टीम का खेल है, और मैं जानता हूं कि कैसे वापसी करते हैं, मैंने ऐसा पहले भी किया है, आगे देखते हैं कि क्या होता है।
टीम इंडिया के लिये खेले 61 टेस्ट
35 वर्षीय बल्लेबाज ने टीम इंडिया के लिये 61 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 38.28 के औसत से 3982 रन बनाये हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 167 रन है,
अब वो इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट में समरसेट के लिये खेलेंगे, पिछले सीजन में वो एसेक्स के लिये खेले थे और अच्छा प्रदर्शन किया था, हालांकि बढती उम्र भी मुरली विजय के लिये टीम इंडिया में वापसी में बाधा है।
युवाओं पर भरोसा
मुरली विजय के साथीदार शिखर धवन भी टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं, टीम प्रबंधन मयंक अग्रवाल, केएल राहुल और पृथ्वी शॉ जैसे युवा बल्लेबाजों पर भरोसा जता रही है,
ऐसे में मुरली विजय के लिये टीम इंडिया में वापसी की राह आसान नहीं दिख रही है, क्योंकि इन युवा बल्लेबाजों ने मिले मौके का भरपूर फायदा उठाया है।



