चिन्मयानंद केस- छात्रा और उसके दोस्त ने की थी बड़ी गलती, एक कॉल से पकड़े गये
दिल्ली पहुंचने पर छात्रा ने जिस मोबाइल नंबर से अपनी मां को फोन किया था, पुलिस टीम ने सबसे पहले उसी नंबर को ट्रेस करना शुरु किया।
चिन्मयानंद पर दुष्कर्म के आरोप लगाने वाली लड़की और उसके दोस्त संजय को ढूंढ निकालना पुलिस के लिये एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि उनके मोबाइल फोन नंबर लगातार स्विच ऑफ बता रहे थे, लेकिन बस एक मैसेज ने राजस्थान के दौसा में पुलिस टीम को कामयाबी दिला दी, नहीं तो पुलिस को और लंबा इंतजार करना होता, जो उनके लिये किसी सिरदर्द से कम नहीं होता।युवक तक पहुंची पुलिस
दरअसल दिल्ली पहुंचने पर छात्रा ने जिस मोबाइल नंबर से अपनी मां को फोन किया था, पुलिस टीम ने सबसे पहले उसी नंबर को ट्रेस करना शुरु किया,
जिसके बाद पुलिस संजय नामक एक युवक तक पहुंची, जिसके मोबाइल से छात्रा ने कॉल किया था, मोबाइल वाले युवक के जरिये पुलिस को पता चला कि वो दिल्ली के एक होटल में ठहरे हैं।
मोबाइल नंबर बंद
पुलिस को संजय और छात्रा के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पता चला, कि दोनों किस गाड़ी से होटल से निकले, गाड़ी नंबर के आधार पर ये पता किया,
कि गाड़ी की सर्विस कब और कहां हुई, इसके बाद सर्विलांस की मदद से पता चला कि गाड़ी की सर्विस तीन दिन पहले हुई थी, टीम उस स्थान पर पहुंची, सर्विस कराने वाले ड्राइवर का नंबर लिया, लेकिन मोबाइल नंबर बंद होने की वजह से परेशानी हो रही थी।
छात्रा मिली
एक दिन पहले दौसा में ड्राइवर ने एक्सिस बैंक एटीएम से 1500 रुपये निकाले, जिसके बाद 30 अगस्त की सुबह पुलिस उस होटल पहुंच गई, जहां संजय और छात्रा ठहरे थे,
दोनों को पुलिस ने ढूंढ निकाला, छात्रा को सकुशल ढूंढना पुलिस के लिये बड़ी चुनौती थी, यदि उसके साथ कुछ अनहोनी हो जाती, तो सीधा आरोप चिन्मयानंद पर लगता, और तब पुलिस के लिये और मुसीबत हो जाती।


