अजब विवाद में फंसे नीतीश की पार्टी के सांसद, कोर्ट में पहुंची महिला ने पत्नी होने का ठोंका दावा

वकील ने दावा करते हुए कहा कि महिला राजा महेन्द्र की कानूनी तौर पर पत्नी है, साथ ही उन्होने सवाल किया, कि पति और पत्नी को अलग क्यों रहना चाहिये।

जनता दल यूनाइटेड के राज्यसभा सांसद और बिहार के कद्दावर नेताओं में गिने जाने वाले महेन्द्र प्रसाद एक अजब विवाद में उलझते नजर आ रहे हैं, दरअसल राजा महेन्द्र के नाम से मशहूर 7 बार के सांसद के खिलाफ एक महिला ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, महिला ने राजा महेन्द्र की पत्नी होने का दावा करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी है, हालांकि शीर्ष अदालत ने फिलहाल हाई कोर्ट के फैसले में दखल देने से मना कर दिया है।

कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस आर भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की, महिला की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा,

कि पिछले 45 साल से महेन्द्र प्रसाद से पीड़िता लड़ रही है, वकील के मुताबिक सांसद की ओर से महिला के साथ रहने की इच्छा जताने के बावजूद हाई कोर्ट ने इस मामले में पूरी तरह से अवैध प्रक्रिया का पालन किया।

वकील ने कहा विलक्षण मामला 
वकील ने दावा करते हुए कहा कि महिला राजा महेन्द्र की कानूनी तौर पर पत्नी है, साथ ही उन्होने सवाल किया, कि पति और पत्नी को अलग क्यों रहना चाहिये, देश में लोकतंत्र है,
उन्होने इसे विलक्षण मामला बताते हुए इसमें जांच की मांग की, उन्होने कहा कि हाई कोर्ट को ऐसा आदेश पारित नहीं करना चाहिये, क्योंकि महेन्द्र प्रसाद के बेटे की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रहा है।

सबसे अमीर सांसदों में से एक
आपको बता दें कि 79 वर्षीय राजा महेन्द्र देश के सबसे अमीरप सांसदों में से एक हैं, उनकी कई फार्मा कंपनियां और दूसरे व्यवसाय हैं,
दिल्ली हाई कोर्ट में उनके कथित तौर पर त्याग दिये गये पुत्र ने याचिका दाखिल की थी, कथित बेटे ने हाई कोर्ट से कहा था कि उसके पिता और उनके साथ रहने वाली महिला ने मिलकर उनकी मां को अवैध रुप से बंदी बना रखा है, उसने अपनी मां को ही महेन्द्र प्रसाद की असली पत्नी होन का दावा किया था, जिसके बाद हाई कोर्ट ने महिला को इन आरोपों की जांच तक प्रसाद से अलग रहने का आदेश दिया था।