बीजेपी-जेजेपी में इन मुद्दों पर फंसेगा पेंच, गठबंधन की राह आसान नहीं
हरियाणा में सीएम और डिप्टी सीएम शपथ हो चुका है, लेकिन अभी ये तय नहीं हो पाया है कि जनता से किये गये वादे कैसे पूरे होंगे।
हरियाणा में बीजेपी-जेजेपी गठबंधन सरकार बन चुकी है, अब दोनों दलों के बीच अपने-अपने घोषणा पत्र को लागू करने का दबाव रहेगा, बीजेपी ने सत्ता में वापसी की उम्मीदों की वजह से कम वादे किये थे, लेकिन जेजेपी ने ऐसे वादे किये है, जिन्हें पूरा करने में सरकार की कमर टूट जाएगी, बहरहाल स्थिति जो भी हो, दुष्यंत चौटाला ने अमित शाह के सामने भी ये मुद्दे रखे थे, शाह ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनके द्वारा किये गये वादे भी पूरे किये जाएंगे, आइये आपको बताते हैं कि बीजेपी-जेजेपी किन मुद्दों पर आमने-सामने हो सकते हैं।लुभावने वादे
हरियाणा में सीएम और डिप्टी सीएम शपथ हो चुका है, लेकिन अभी ये तय नहीं हो पाया है कि जनता से किये गये वादे कैसे पूरे होंगे, राजनीतिक पंडित का कहना है कि
बीजेपी-जेजेपी कुछ मुद्दों को लेकर आमने-सामने हो सकते हैं, क्योंकि जेजेपी चाहेगी कि उनके ज्यादातर वादे पूरे हो, सिर्फ 10 महीने पुरानी पार्टी ने 10 सीटें जीती है, इसमें बड़ा योगदान लुभावने वादों का भी है। ऐसे में अगर जेजेपी को राजनीति में लंबा सफर तय करना है, तो उन वादों को पूरा भी करना होगा।
खट्टर ने किये थे कम वादे
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी आत्मविश्वास से भरी थी, उन्हें उम्मीद थी कि भारी बहुमत से सत्ता में लौट रहे हैं,
इसलिये उन्होने कुछ खास वादे नहीं किये, अब बीजेपी और जेजेपी का एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनेगा, जिसके आधार पर प्राथमिकता वाली चीजों को तय किया जाएगा।
जेजेपी के वादे
शिक्षित बेरोजगारों को 11 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का वादा
बुजुर्ग पेंशन 5100 रुपये की जाएगी
किसानों के सहकारी बैकों का पूरा कर्ज माफ होगा, उनकी जमीन की नीलामी पर रोक लगेगी
कर्मचारियों की पुरानी पेंशन नीति बहाल होगी।
बीजेपी ने किये वादे
युवा विकास एवं स्वरोजगार मंत्रालय गठित करेंगे, 500 करोड़ रुपये खर्च करके 25 लाख युवाओं को कौशल प्रदान करेंगे।
बुजुर्ग पेंशन तीन हजार रुपये की जाएगी
युवाओं के लिये मुद्रा लोन स्कीम प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वित करवाएंगे, स्थानीय लोगों को 95 फीसदी से ज्यादा रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष लाभ मिलेगा।
किसानों के लिये फसली ऋणों पर 5 हजार करोड़ के ब्याज और जुर्माना माफ करने के लक्ष्य को पूरा करेंगे।
सरकारी कर्मचारियों की सभी वेतन विसंगतियों को दूर किया जाएगा, वरिष्ठता सूची प्रकाशित करेंगे।



