शिवसेना से नहीं बनी बात तो ऐसे सरकार बनाएगी बीजेपी, तैयार है मास्टर-प्लान
कई दौर में बातचीत विफल होने के बाद बीजेपी के एक धड़े ने बिना शिवसेना ही सरकार बनाने की कोशिश शुरु कर दी है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 के नतीजे आये 6 दिन हो चुके हैं, बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद भी अभी तक सरकार गठन का रास्ता साफ नहीं हो पाया है, चुनाव नतीजों के बाद से ही शिवसेना ने बीजेपी को तेवर दिखाने शुरु कर दिये हैं, वो नई-नई शर्ते थोप रही है, नये शर्त के अनुसार शिवसेना को कैबिनेट में आधे पद और पहले ढाई साल के लिये सीएम पद चाहिये, हालांकि बीजेपी किसी भी हालत में शिवसेना की ये शर्ते मानने को तैयार नहीं है, खुद देवेन्द्र फडण्वीस ने ये कहा है कि अगले पांच साल के लिये वो ही मुख्यमंत्री होंगे, उन्होने शिवसेना से कोई वादा नहीं किया था।बीजेपी 2014 को दोहराने की तैयारी में
कई दौर में बातचीत विफल होने के बाद बीजेपी के एक धड़े ने बिना शिवसेना ही सरकार बनाने की कोशिश शुरु कर दी है, इस मास्टर प्लान को प्लान 2014 का नाम दिया गया है,
सूत्रों का दावा है कि जिस तरह महाराष्ट्र में 2014 में अकेले ही बीजेपी सरकार बनाने के लिये आगे बढी थी, वैसे ही इस बार भी करेगी, हालांकि इस बार के आंकड़े देखकर ये थोड़ा मुश्किल लग रहा है, लेकिन जो लोग अमित शाह और उनकी कार्यशैली को जानते हैं, उन्हें पता है कि फिर से एक बार महाराष्ट्र में बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार बनेगी।
शिवसेना को आना पड़ा था
2014 में भी शिवसेना ऐसे ही नखरें दिखा रही थी, बीजेपी ने उन्हें ज्यादा मनाने की कोशिश नहीं की, बहुमत परीक्षण में आखिर तक शिवसेना बीजेपी के खिलाफ खड़ी रही,
लेकिन अंतिम समय में उन्हें लगा कि अगर वो साथ नहीं देंगे, तो एनसीपी खड़ी हो जाएगी, जिसके बाद शिवसेना ने समर्थन दिया था।
विश्वास मत के समय वॉक आउट
बीजेपी के मास्टर प्लान के मुताबिक एनसीपी 2014 की तरह ही विश्वास मत के समय सदन से वॉकआउट कर जाए, तो फिर से बीजेपी बहुमत सिद्ध कर सकती है,
288 सदस्यों वाले विधानसभा में एनसीपी के पास 54 विधायक हैं, अगर एनसीपी ने वॉक आउट कर दिया तो ये संख्या 234 पर पहुंच जाएगी, यानी बहुमत का आंकड़ा 118 हो जाएगा, 105 विधायक बीजेपी के हैं, बाकी 13 विधायक निर्दलीय हैं, इसके साथ ही छोटे दलों के पास 15 विधायक हैं, यानी बीजेपी के लिये बहुमत सिद्ध करना मुश्किल नहीं होगा।


