पिता दिहाड़ी मजदूर, बाढ में टूट गया घर, अब टीम इंडिया के लिये खेलेगी, ऐसे हुआ चयन

मिन्नु वायनाड के कुरिचिया आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं, उनके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं, जो मुश्किल से ही घर का खर्चा चला पाते हैं।

बीसीसीआई ने कुछ दिन पहले ही बांग्लादेश के दौरे और एसीसी एमर्जिंग कप के लिये इंडिया ए महिला टीम का ऐलान किया था, इस टीम में केरल की 20 वर्षीय बल्लेबाज मिन्नु मणि को पहली बार चुना गया है, केरल के वायनाड की रहने वाली मिन्नु टीम इंडिया के लिये खेलने के सपने के करीब आ पहुंची है, मिन्नु बायें हाथ की बल्लेबाज हैं, और ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करती हैं, इसके अलावा वो शानदार फील्डर भी हैं।

ऑलराउंड प्रदर्शन
मिन्नु मणि इस साल अंडर-23 वनडे चैलेंजर ट्रॉफी में इंडिया ब्लू की ओर से खेल चुकी है, इस टूर्नामेंट में उन्होने बल्ले से 188 रन बनाये, साथ ही 11 विकेट भी हासिल किया,
उन्हें केरल एसोसिएशन ने इस साल का जूनियर क्रिकेटर ऑफ द इयर चुना गया, उनके इस प्रदर्शन के कारण ही उन्हें अब इंडिया ए टीम में मौका दिया गया है।

बाढ में डूब गया था घर
मिन्नु वायनाड के कुरिचिया आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं, उनके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं, जो मुश्किल से ही घर का खर्चा चला पाते हैं, 20 वर्षीय मिन्नु ने खेतों में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलना शुरु किया था, हालांकि उनके परिवार के लिये बुरा समय तब आया,
जब पिछले साल केरल में आई बाढ में उनका घर डूब गया, एक क्रिकेट वेबसाइट के मुताबिक कुछ लोगों ने चंदा इकट्ठा कर मिन्नु का घर ठीक करवाया, इसके बावजूद उन्होने हार नहीं मानी और क्रिकेट खेलना जारी रखा, जिसका फल अब उन्हें मिलता दिख रहा है।

ओपन ट्रॉयल के बाद चयन
मिन्नु क्रिकेट को लेकर तब गंभीर हुई, जब उन्होने मनथवाड़ी गर्वमेंट वोकेशनल हाई सेकेडरी स्कूल में दाखिला लिया,
वहां की फिजिकल एजुकेशनल पढाने वाली एलसमा अनमोल बेबी ने उनकी प्रतिभा को पहचाना, अनमोल बेबी राष्ट्रीय स्तर पर केरल की कप्तानी कर चुकी हैं, उन्होने ही मिन्नु को ट्रेन्ड करना शुरु किया, वो उन्हें लेकर तिरुवनंतपुरम में केरल क्रिकेट एसोसिएशऩ के ओपन ट्रॉयल में लेकर गई, जहां उनका चयन ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिये हुआ, इसके बाद उन्होने पीछे मुड़कर नहीं देखा।