निशानेबाज नैना की सियासी पारी, पति के जेल जाने के बाद बेटे संग खुद संभाला मोर्चा

छात्र जीवन से ही नैना चौटाला की दिलचस्पी खेल में थी, वो अच्छी निशानेबाज रही हैं, शूटिंग में उन्होने इंटर यूनिवर्सिटी में टीम का प्रतिनिधित्व किया था।

हरियाणा की सियासत में नैना सिंह चौटाला कोई नया नाम नहीं है, हरियाणा के दिग्गज सियासी परिवार की बहू नैना चौटाला अजय चौटाला की पत्नी हैं, पति के जेल जाने के बाद उन्होने खुद ही अपने दोनों बेटों के साथ मोर्चा संभाला,  2014 में पहली बार इस परिवार की कोई महिला चुनाव लड़ी, नैना चौटाला पति अजय चौटाला की सीट डबवाली से चुनावी मैदान में उतरी और चौटाला परिवार की पहली महिला विधायक बनी।

चौटाला खानदान की पहली महिला विधायक 
नैना पूर्व डिप्टी पीएम चौधरी देवी लाल परिवार की पहली महिला है, जिन्होने सक्रिय सियासत में कदम रखा, इससे पहले उनके परिवार की कोई भी महिला राजनीति में नहीं आई,
2009 में अजय चौटाला डबवाली सीट से विधायक बने थे, लेकिन अएक घोटाले में नाम आने की वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा, जिसके बाद नैना की सियासी पारी की शुरुआत हुई, हालांकि इस बार नैना चौटाला डबवाली की बाढड़ा सीट से लड़ रही हैं।

शूटिंग में कमाया नाम
छात्र जीवन से ही नैना चौटाला की दिलचस्पी खेल में थी, वो अच्छी निशानेबाज रही हैं, शूटिंग में उन्होने इंटर यूनिवर्सिटी में टीम का प्रतिनिधित्व किया था, नैना की शुरुआती पढाई हिसार में हुई है,
कॉलेज में एनसीसी कैडेट रही, नैना का जन्म हिसार जिले के आदमपुर क्षेत्र के गांव दड़ौली में हुआ।

परिवार से अलग 
पिछले साल चौटाला परिवार दो फाड़ हो गया, चाचा अभय सिंह चौटाला के कहने पर ओपी चौटाला ने दुष्यंत और दिग्विजय को पार्टी से निकाल दिया,
जिसके बाद मां के साथ मिलकर दोनों लड़कों ने माफी नहीं मांगी, बल्कि हरियाणा की गलियों में घूमकर अपने लिये समर्थन मांगने लगे, 9 दिसंबर 2018 को दोनों भाइयों ने जननायक जनता पार्टी की शुरुआत की, पहले ही चुनाव ये  पार्टी किंगमेकर की भूमिका में आ गई है।