ओपनिंग टेस्ट में पास हुए रोहित शर्मा, पहले ही मैच में बना दिया बड़ा रिकॉर्ड
केएल राहुल के खराब प्रदर्शन की वजह से रोहित को बतौर ओपनर मौका दिया गया है, इस मैच से पहले टेस्ट में रोहित मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते थे।
टीम इंडिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच विशाखापट्टनम में टेस्ट मैच खेला जा रहा है, इस टेस्ट में सबसे बड़ी परीक्षा रोहित शर्मा की थी, उन्हें बतौर सलामी बल्लेबाज मौका दिया गया था, हिटमैन इस परीक्षा में अच्छे नंबरों से पास हो गये हैं, उन्होने बतौर ओपनर पहली ही पारी में शानदार शतक लगाया है, रोहित ने 154 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, दूसरे छोर पर मयंक भी उनका पूरा साथ दे रहे हैं, वो भी अर्धशतक पूरा कर बल्लेबाजी कर रहे हैं।दो साल बाद टेस्ट में सेंचुरी
हिटमैन ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत 2013 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ शानदार शतक के साथ किया था, हालांकि इसके बाद इस प्रारुप में उनके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रही,
इस वजह से टीम में जगह बनाने के लिये भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा, अब उन्हें बतौर ओपनर मौका दिया गया है, उन्होने 154 गेंदों में शतक लगाया और खबर लिखे जाने तक 111 पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। आपको बता दें कि रोहित ने टेस्ट क्रिकेट में दो साल बाद शतक लगाया है, उन्होने पिछला शतक नवंबर 2017 में श्रीलंका के खिलाफ लगाया था।
चौके से खोला खाता
क्रिकेट फैंस के बीच हिटमैन के नाम से मशहूर रोहित ने वनडे और टी-20 के अंदाज में ही अपनी पारी की शुरुआत की,
उन्होने दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर कागिसो रबाडा को बैकवर्ड प्वाइंट पर चौका लगाते हुए खाता खोला, मैच में रोहित के लिये ये दूसरी गेंद ही थी, इससे पहले मयंक ने फिलेंडर को चौका लगाकर अपना और टीम इंडिया का खाता खोला था।
बतौर ओपनर पहला शतक
29वें ओवर की आखिरी गेंद पर रोहित ने चौका लगाकर अर्धशतक पूरा किया, उन्होने पारी के 54वें ओवर की आखिरी गेंद पर एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया,
ये उनके टेस्ट करियर का चौथा और बतौर ओपनर पहला शतक है, आपको बता दें कि सीमित ओवरों के दिग्गज बल्लेबाज रोहित इस प्रारुप में टीम में जगह बनाने के लिये भी संघर्ष करते रहे हैं।
रोहित पर बड़ी जिम्मेदारी
केएल राहुल के खराब प्रदर्शन की वजह से रोहित को बतौर ओपनर मौका दिया गया है, इस मैच से पहले टेस्ट में रोहित मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते थे,
उन्होने टेस्ट में (इस मैच से पहले) 27 मैचों में 39.62 के औसत से 1585 रन बनाये हैं, जबकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनके नाम 10 हजार से ज्यादा रन हैं।



