गोलगप्पे बेचे, टेंट में किया गुजारा, मौका मिलते ही रच दिया इतिहास, प्रेरणादायक है इस युवा क्रिकेटर की कहानी
मुंबई के जीत के हीरो यशस्वी जायसवाल की कहानी काफी संघर्षों से भरी हुई है, वो कम उम्र में ही क्रिकेटर बनने का सपना लिये यूपी से मुंबई पहुंच गये।
सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (113 रन) की पहली शतकीय पारी और आदित्य तारे (86 रन) के साथ पहले विकेट के लिये 152 रनों की साझेदारी के दम पर मुंबई ने विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप ए मैच में गोवा को 130 रनों से हरा दिया, मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 362 का बड़ा स्कोर खड़ा किया, फिर 48.1 ओवर में गोवा को 232 रनों पर समेट दिया,17 वर्षीय जायसवाल का लिस्ट ए क्रिकेट में ये दूसरा ही मैच है, उन्होने 123 गेंदों में 113 रन बनाये, जिसमें 6 चौके और 5 छक्के भी लगाये, कप्तान श्रेयस अय्यर (29 गेंद में 47 रन), सूर्य कुमार यादव (21 गेंद में नाबाद 34 रन) और शिवम दूबे (13 गेंद में नाबाद 33 रन) ने मुंबई को बड़े स्कोर तक पहुंचाया।
150 रनों की सलामी साझेदारी
पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई की टीम ने गोवा के गेंदबाजों की जमकर खबर ली, सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और आदित्य ने पहले विकेट के लिये 152 रनों की साझेदारी की,
तारे के आउट होने के बाद ये साझेदारी टूटी, लेकिन मुंबई के बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड को तेजी से बढाया, सिद्धेश लाड ने 23 गेंदों में 34 रन ठोंक दिये, दूसरे विकेट के लिये जायसवाल के साथ 72 रनों की साझेदारी की।
घर छोड़कर मुंबई में हैं यशस्वी
मुंबई के जीत के हीरो यशस्वी जायसवाल की कहानी काफी संघर्षों से भरी हुई है, वो कम उम्र में ही क्रिकेटर बनने का सपना लिये यूपी से मुंबई पहुंच गये, उनके पिता के लिये परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था,
इसलिये उन्होने भी ऐतराज नहीं किया, मुंबई में यशस्वी को चाचा ने रहने के लिये अपने घर पर जगह नहीं दी, तो वो मुस्लिम यूनाइटेड क्लब से जुड़ गये और टेंट में रहने लगे, वो तीन साल तक टेंट में रहे।
गोलगप्पे बेचे, भूखे रहे, फिर
यशस्वी के पिता कई बार उन्हें पैसे भेजते, लेकिन कई बार उनके हाथ भी खाली होते, तो ऐसे समय में यशस्वी ने आजाद मैदान के बाहर गोलगप्पे भी बेचे हैं, इसके बावजूद उन्हें कई रात भूखे भी सोना पड़ा है,
इसी दौरान उनकी मुलाकात एक क्रिकेट कोच ज्वाला सिंह से हुई, जिन्होने उनकी क्रिकेट प्रतिभा को पहचाना, यहीं से उनकी किस्मत पलटी और वो धीरे-धीरे कामयाबी की सीढियां चल रहे हैं, उन्हें इंडिया अंडर 19 टीम में भी चुना गया था।



