कभी गोलगप्पे बेच किया था गुजारा, अब मौका मिलते ही रच दिया इतिहास, दोहरा शतक के साथ लगाये इतने सिक्स

बायें हाथ के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने झारखंड के हर गेंदबाज की जमकर खबर ली, उन्होने अपने दोहरे शतक में 17 चौके और 12 छक्के लगाये।

विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने धमाल मचा रखा है, पिछले 4 मैचों में दो शतक ठोंकने वाले यशस्वी ने बुधवार को झारखंड के खिलाफ दोहरा शतक लगा दिया, बेंगलुरु में खेले गये इस मुकाबले में यशस्वी जायसवाल ने सिर्फ 154 गेंदों में 203 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जिसकी वजह से मुंबई की टीम ने 50 ओवर में  358 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

तूफानी बल्लेबाजी 
बायें हाथ के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने झारखंड के हर गेंदबाज की जमकर खबर ली, उन्होने अपने दोहरे शतक में 17 चौके और 12 छक्के लगाये,
इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 131.81 का रहा, यशस्वी विजय हजारे ट्रॉफी में एक मैच में 12 छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गये हैं।

रचा इतिहास
यशस्वी ने झारखंड के खिलाफ दोहरा शतक लगाकर इतिहास रच दिया है, वो लिस्ट ए क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गये हैं, इसी सीजन में उन्होने डेब्यू किया है,
अब तक 5 मैचों में उन्होने 100 से ज्यादा के औसत से 504 रन ठोंक दिये हैं, उनके बल्ले से अब तक कुल तीन शतक निकले हैं, टूर्नामेंट में उन्होने मुंबई के लिये सबसे ज्यादा 20 छक्के और 44 चौके लगाये हैं।

बेहद गरीब परिवार से नाता
मालूम हो कि यशस्वी यूपी के भदोही से क्रिकेटर बनने के लिये मुंबई पहुंचे थे, उनके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं, उन्होने शुरुआती दिनों में तीन साल टेंट में रात गुजारी है,
आजाद मैदान के बाहर गोलगप्पे बेचे और डेरी में भी नौकरी की, बाद में एक क्रिकेट कोच ज्वाला सिंह ने उनकी प्रतिभा को पहचाना, और क्रिकेट खेलने के लिये प्रोत्साहित किया, इसके बाद इस युवा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा, फिलहाल यशस्वी सांताक्रूज के एक चॉल में रहते हैं।