फ्लोर टेस्ट से पहले बीजेपी ने खेला अपना आखिरी दांव, समीकरण बदलने की कोशिश

बीजेपी के इस दांव से सवाल ये उठता है कि आखिर बीजेपी क्या चाहती है।

महाराष्ट्र विधानसभा में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को आज बहुमत साबित करना है, लेकिन बीजेपी ने अभी तक हार नहीं मानी है, बीजेपी ने विधानसभा में ठाकरे के विश्वास प्रस्ताव से पहले अपना अंतिम दांव चल दिया है, पार्टी ने प्रोटेम स्पीकर के मामले को राज्यपाल से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चुनौती देने का फैसला लिया है।

क्या चाहती है बीजेपी 
बीजेपी के इस दांव से सवाल ये उठता है कि आखिर बीजेपी क्या चाहती है, दरअसल बीजेपी चाहती है कि विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से पहले चुने गये प्रोटेम स्पीकर कालीदास कोलंबर की देखरेख में हो,
जबकि उद्धव सरकार दिलीप वाल्से पाटिल को प्रोटेम स्पीकर बनाकर विेश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराना चाहती है, सूत्रों का दावा है कि बीजेपी ट्रस्ट वोट पर चर्चा से पहले विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव पर शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन से दो-दो हाथ करने की तैयारी में है, पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष के लिये अपनी ओर से उम्मीदवार खड़ा कर स्पीकर के  चुनाव को और रोचक बना दिया है।

स्पीकर का चुनाव बीजेपी के लिये अहम
आमतौर पर तो विधानसभा स्पीकर का चुनाव विश्वास प्रस्ताव से पहले ही होता है,
लेकिन महाराष्ट्र की राजनीतिक उठा पटक और फडण्वीस सरकार के विश्वासमत पर सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचने के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष का पद बीजेपी के लिये खास हो गया है, फडण्वीस के सीएम बनने और इस्तीफा देने से हुई फजीहत को बीजेपी यूं ही भूलाने के लिये तैयार नहीं है।

अपना हिसाब पूरा करना चाहती है बीजेपी
बीजेपी ने उद्धव सरकार के बहुमत परीक्षण और विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में अपना पिछला हिसाब पूरा कर लेना चाहती है,
बीजेपी ने स्पीकर के चुनाव में अपनी ओर से किसान कटोरे को मैदान में उतारते हुए उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है, बीजेपी प्रदेश नेतृत्व ने ये साफ कर दिया है कि विधानसभा के गणित में कौन सी पार्टी या नेता बीजेपी के साथ है, ताकि आने वाले समय में इन आंकड़ों को अपने पक्ष में किया जा सके।