अजित पवार ने अचानक कैसे बदल दी महाराष्ट्र की सियासत, शरद पवार हैं सूत्रधार?

नई सरकार गठन के साथ ही महाराष्ट्र से राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया है, बीजेपी के गेमप्लान के बाद कांग्रेस और शिवसेना के नेता बुरी तरह से उलझ गये हैं।

महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हो गया, शुक्रवार देर रात शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन के लिये माथापच्ची कर रही थी, शरद पवार ने सीएम पद के लिये उद्धव ठाकरे का नाम ले लिया था, लेकिन उनके भतीजे अजित पवार ने पूरी बाजी ही पलट दी, एक चौंकानें वाले घटनाक्रम में अचानक देवेन्द्र फडण्वीस सीएम और अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली, शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस की पूरी कवायद धरी की धरी रह गई, आखिर ये सब हुआ कैसे, क्या अजित पवार ने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत कर दी है।

अजित पवार के साथ 25-30 विधायक
नई सरकार गठन के साथ ही महाराष्ट्र से राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया है, बीजेपी के गेमप्लान के बाद कांग्रेस और शिवसेना के नेता बुरी तरह से उलझ गये हैं,
एनसीपी ने 54 सीटों पर जीत हासिल की है, बताया जा रहा है कि इसमें से 25-30 विधायक अजित पवार के साथ हैं, जिनसे बातचीत के बाद ही उन्होने बीजेपी को समर्थन देने का फैसला लिया है।

तीनों पार्टियों की बैठक
एनसीपी चीफ शरद पवार ने शुक्रवार रात करीब 9 बजे कहा था कि उद्धव ठाकरे ही मुख्यमंत्री होंगे, लेकिन सूत्रों का दावा है कि एनसीपी-कांग्रेस और शिवसेना नेताओं के बीच गठबंधन सरकार बनाने को लेकर हुई बैठक सहज नहीं थी, क्योंकि शिवसेना पूरे पांच साल के लिये मुख्यमंत्री की कुर्सी चाहती थी,
जबकि एनसीपी ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर बात कर रही थी, मुंबई की राजनीति से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इसी बात को लेकर अजित पवार और शिवसेना के बीच मनमुटाव हुआ होगा।

मोदी-पवार मुलाकात में लिखी गई स्क्रिप्ट
इसी सप्ताह एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी, इस मुलाकात की राजनीतिक हलकों में खूब चर्चा थी, दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई,
कुछ राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस बैठक में महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात पर चर्चा जरुर हुई होगी, हालांकि बैठक के बाद शरद पवार ने कहा था कि उन्होने प्रधानमंत्री जी को किसानों की समस्या से अवगत कराया।