इस एनसीपी विधायक की वजह से अजित पवार का बिगड़ गया पूरा खेल, नहीं तो तैयार था पूरा प्लान

दिवंगत बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे के भतीजे धनंजय मुंडे के शरद पवार कैम्प में चले जाने की वजह से उलटफेर हो गया, नहीं तो अजित पवार आर-पार के मूड में थे।

महाराष्ट्र में रातों-रात अगर फडण्वीस सरकार के गठन में किसी शख्स की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही, तो वो थे एनसीपी नेता धनंजय मुंडे, जिन्होने अजित पवार के लिये एनसीपी विधायकों को एकजुट किया, जब अजित पवार राजभवन में डिप्टी सीएम पद की शपथ ले रहे थे, तो धनंजय मुंडे ही उनका पूरा काम संभाल रहे थे, विधायकों को एकजुट कर रहे थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के 24 घंटे में बहुमत परीक्षण के आदेश के बाद पूरी स्थिति बदल गई, पहले अजित पवार फिर फडण्वीस ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया।

मुंडे की वजह से उलटफेर
माना जा रहा है कि दिवंगत बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे के भतीजे धनंजय मुंडे के शरद पवार कैम्प में चले जाने की वजह से उलटफेर हो गया, नहीं तो अजित पवार आर-पार के मूड में थे,
वो पार्टी तोड़ सकते हैं, लेकिन धनंजय को शरद पवार ने अपने कब्जे में ले लिया, जिसकी वजह से सारा प्लान ही चौपट हो गया।

विधायकों को एकजुट किया 
राजनीतिक जानकारों के अनुसार धनंजय मुंडे ने ही देवेन्द्र फडण्वीस से मुलाकात की थी, फिर रातों-रात सभी विधायकों को अपने आवास पर बुलाया और राजभवन चलने के लिये कहा,
मुंडे अजित पवार के खासमखास माने जाते हैं, धनंजय को एनसीपी में लाने और पंकजा मुंडा के खिलाफ चुनाव जीताने में अजित पवार ने बड़ी भूमिका निभाई थी।

इस्तीफे का ऐलान
अजित पवार शुरुआत में तो नहीं मान रहे थे, लेकिन धनंजय मुंडे के पलट जाने से वो अकेले पड़ गये, फिर सुप्रिया सुले के पति सदानंद सुले ने उनसे मुलाकात की और कहा कि शरद पवार उन्हें माफ करने के लिये तैयार हैं,
वो वापस आ जाए, जिसके बाद अजित पवार ने सीएम देवेन्द्र फडण्वीस को अपना इस्तीफा सौंप दिया।