देश छोड़ धर्म बदल पाकिस्तानी शख्स से की शादी, अब चुकानी पड़ रही है कीमत
काजल का पाकिस्तानी पहचान पत्र 2023 तक मान्य है, लेकिन बैंक अकाउंट को संचालित करने के लिये नये स्मार्ट पहचान पत्र की जरुरत है।
पाकिस्तान की एक पूर्व भारतीय महिला को पहचान पत्र के लिये इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, करीब तीन महीने से भटकने के बावजूद पाक उसके पहचान पत्र का नवीनीकरण नहीं कर रहा है, बताया जा रहा है कि शारजाह निवासी इस भारतीय महिला ने 19 साल पहले अपना नाम, धर्म और राष्ट्रीयता बदलकर एक पाकिस्तानी शख्स से शादी की थी, लेकिन इतने समय बीत जाने के बाद भी इस महिला का पाक राष्ट्रीय पहचान पत्र का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है।दस्तावेज के नाम पर घूमा रहे
गल्फ न्यूज के मुताबिक काजल रशीद खान नाम की इस महिला ने 31 जुलाई को अपना पाकिस्तानी पहचान पत्र का नवीनीकरण करने के लिये दिया था,
पति ने की शिकायत
काजल के पति मोहम्मद रशीद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं एनएडीआरए (नेशनल डेटाबेस एवं पंजीकरण प्राधिकरण) को पिछले 3 महीने से लगातार लिख रहा हूं,
हमने सारे दस्तावेज जमा करवा दिये हैं, लेकिन फिर भी काम में कोई प्रगति नहीं है, कराची में काजल के बैंक अकाउंट के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है।
पहचान पत्र की वैधता 2023 तक
काजल का पाकिस्तानी पहचान पत्र 2023 तक मान्य है, लेकिन बैंक अकाउंट को संचालित करने के लिये नये स्मार्ट पहचान पत्र की जरुरत है,
काजल के पास वैध पाकिस्तानी पासपोर्ट और पाकिस्तानी नागरिकता प्रमाणपत्र है, जिसे उन्होने अधिकारियों के सामने पेश भी किया, काजल ने 2001 में ही अपना भारतीय पासपोर्ट सौंपकर पाकिस्तानी पासपोर्ट प्राप्त किया था।
शादी के लिये बदला धर्म
पेशे से आर्किटेक्ट 60 वर्षीय रशीद 1989 में कराची से यूएई गये थे, उन्होने 1996 में एक भारतीय हिंदू लड़की कल्पना से शादी की,
कल्पना ने शादी के बाद इस्लाम कबूलने के बाद अपना नाम बदलकर काजल कर लिया, रशीद के भारत में भी रिश्तेदार हैं, रशीद की चार पत्नियां हैं, जिनमें से दो भारतीय और दो पाकिस्तानी है, रशीद के चार बीवियों से 10 बच्चे हैं, उनकी एक पत्नी दो बच्चों के साथ भारत में रहती हैं। काजल और रशीद के दो बच्चे हैं।



