झारखंड विधानसभा चुनाव- चर्चा में है ये सीट, एक पर पति-पत्नी, तो दूसरी पर देवरानी-जेठानी आमने-सामने

संजीव सिंह अपने चचेरे भाई नीरज सिंह के हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं, बीजेपी ने इस बार उनकी पत्नी रागिनी सिंह को उम्मीदवार बनाया है, तो कांग्रेस ने नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह को मैदान में उतारा है।

झारखंड विधानसभा चुनाव में एक दंपत्ति की खूब चर्चा हो रही है, दरअसल भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में पति-पत्नी (मनीष कुमार और प्रियंका सिंह) दोनों ताल ठोंक रहे हैं, ध्यान देने वाली बात ये है कि दोनों नामांकन के लिये भी एक ही गाड़ी से पहुंचे थे और चुनाव प्रचार भी साथ-साथ ही कर रहे हैं।

लोकतांत्रिक अधिकार
एक ही निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के सवाल पर पति-पत्नी ने कहा कि हमारे बीच कोई राजनीतिक मतभेद नहीं है, बल्कि ये हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है,
चुनाव आयोग को दिये गये एफि-डेविट में मनीष और प्रियंका के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।

संपत्ति
मनीष और प्रियंका के पास कुल मिलाकर संपत्ति के नाम पर करीब 8 लाख रुपये नकद और 4 लाख रुपये के जेवरात हैं, इसके अलावा दोनों के पास पैतृक संपत्ति के रुप में मां-बाप से मिली खेती और गैर खेती योग्य कुछ जमीन भी है, प्रियंका सिंह ने बीएड की डिग्री हासिल की है,
तो मनीष भी ग्रेजुएट हैं, दोनों के आय के साधन के रुप में कृषि और निजी व्यवसाय बताया है। पति-पत्नी ने कहा कि हम दोनों भले एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन एक-दूसरे को हराने के लिये नहीं बल्कि खुद जीतने के लिये लड़ रहे हैं, दोनों साथ ही प्रचार भी कर रहे हैं, जनता की सेवा के लिये वोट मांग रहे हैं।

झरिया में आमने-सामने दो बहुएं
धनबाद की झरिया विधानसभा सीट पर बाहुबली सूरजदेव सिंह का वर्चस्व रहा है, वर्तमान में बीजेपी के संजीव सिंह यहां से विधायक हैं, संजीव सिंह अपने चचेरे भाई नीरज सिंह के हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं,
बीजेपी ने इस बार उनकी पत्नी रागिनी सिंह को उम्मीदवार बनाया है, तो कांग्रेस ने नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह को मैदान में उतारा है, यानी इस सीट पर देवरानी और जेठानी आमने-सामने है। बुधवार को कोर्ट ने संजीव सिंह को जेल से चुनाव लड़ने की इजाजत दे दी है, ऐसे में संभव है कि खुद संजीव सिंह ही बीजेपी की ओर से मोर्चा संभाल लें।